Monday, December 5, 2022
HomeSportsVirat Kohli Ind Vs Pak: '10 साल में पहली बार हुआ जब...

Virat Kohli Ind Vs Pak: ’10 साल में पहली बार हुआ जब 1 महीने बैट नहीं छुआ’, इमोशनल हुए विराट कोहली – Virat Kohli Mental Health Struggle Kohli First time in 10 years not touch bat ind vs pak match Asia Cup 2022 tspo

Virat Kohli: इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली इन दिनों बेहद खराब फॉर्म से गुजर रहे हैं. बात को वह भी कई बार समझ चुके हैं कि फैन्स हैं और अब उन्हें रन बनाने ही होंगे. साल से ज्यादा वक्त हो गया है, कोहली के से शतक नहीं आया. छह महीनों से एक इंटरनेशनल भी नहीं लगा हैं.

वजह भी रही कि कोहली ने हाल ही में कुछ ही क्रिकेट से ब्रेक भी लिए हैं. परफॉर्मेंस नहीं सकी. में विराट कोहली इंग्लैंड के बाद क्रिकेट से ब्रेक लिया था. इस दौरान कोहली ने एक महीने आराम किया और बैट को हाथ तक नहीं लगाया.

41 दिन के आराम के बाद मैच खेलेंगे कोहली

का खुलासा खुद कोहली ने किया है. विराट कोहली एशिया कप से वापसी कर हैं और वह आराम के बाद सीधे पाकिस्तान मैच खेलने के लिए मैदान में उतरेंगे. यह मैच रविवार (28 purchases) को खेला जाएगा. यह भारतीय टीम के लिए बड़ा रिस्क हो सकता है. ने पिछला मैच 17 जुलाई को इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर वनडे खेला था. मैच में भी कोहली 22 बॉल खेलकर सिर्फ 17 रन ही बना सके थे.

‘दिमाग भी मुझसे ब्रेक लेने के लिए कह रहा था’

ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच पहले स्टार से बात की. ने कोहली का यह वीडियो शेयर , कोहली ने कहा, ’10 साल में पहली , जब मैंने एक महीने तक अपने बैट को टच तक नहीं किया. अहसास हुआ कि मैं इंटेंसिटी को थोड़ा गलत समझ रहा था. अपने आप को समझा रहा कि आप में है. बॉडी आपसे रुकने के लिए कह रही थी. दिमाग भी मुझसे ब्रेक लेने और कदम पीछे खींचने के लिए कह रहा था.’

भारतीय कप्तान कोहली ने कहा, ‘मुझे हमेशा ही ऐसे व्यक्ति के रूप है, दिमागी तौर पर काफी मजबूत है. मैं ऐसा हूं, लेकिन हर किसी की एक लिमिट होती है और आपको उस लिमिट को पहचानने की जरूरत होती है. आपके लिए गलत हो सकती हैं. ने मुझे काफी कुछ सिखाया है, मैं समझ नहीं पा रहा था. चीजें जब आईं, तो मैंने उन्हें स्वीकार किया.’

See also  Man Utd confirm Cristiano Ronaldo is set to leave club by mutual agreement with immediate effect

पर कमजोर हुए थे विराट कोहली

यह भी स्वीकार किया वह मानसिक तौर पर भी थोड़े कमजोर हुए थे. कहा, ‘मुझे यह स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं मैं मानसिक तौर भी कमजोर हुआ था. बहुत ही सामान्य सी , जो मैंने महसूस की, हम हिचकिटाहट के कारण बोलते नहीं हैं. तौर पर कमजोर नहीं दिखना चाहते हैं. मेरा यकीन कीजिए, मजबूत होने का दिखावा करना कमजोर होने को स्वीकार करने से कहीं ज्यादा घातक है.’


RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments