Friday, September 30, 2022
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Teacher’s Day Special: Jagdish Is Going To The Flame Of Education Even After Retirement, Teaching Children Fre – शिक्षक दिवस विशेष: सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षा की लौ जा रहे जगदीश, बच्चों को निशुल्क पढ़ा रहे

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हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के गांव अमरोह के 75 वर्षीय शिक्षक जगदीश राम सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षा की अलख जगा रहे हैं। 2005 में सेवानिवृत्ति के बाद से वह सुबह शाम एक-एक घंटा आसपास के बच्चों की निशुल्क पढ़ाई करवा रहे हैं। उनके पास आसपास से एक दर्जन से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई करने पहुंचते हैं। की पढ़ाई में कमियों को दूर करने के अलावा जगदीश राम आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की शिक्षण संबंधी सामग्री में भी मदद कर रहे हैं। सेवाकाल के दौरान और सेवानिवृत्ति के बाद करीब 17 वर्षों से उनका यह सिलसिला बरकरार है। छुट्टियों में भी उन्होंने बच्चों की निशुल्क पढ़ाई जारी रखी।

कमजोर बच्चों पर जगदीश राम का फोकस रहता है। का मानना ​​​​ कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। वह निशुल्क पढ़ाई करवाते हैं। रोजाना करीब एक दर्जन बच्चे सुबह-शाम उनके पास नियमित रूप से पढ़ने के लिए पहुंचते हैं। जगदीश राम अन्य सभी कामकाज छोड़कर पढ़ाने बैठ जाते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद जगदीश राम चलोला में आईटीआई में भी वह निशुल्क रूप से बच्चों की पढ़ाई करवा चुके हैं।

एमए, बीएड शिक्षा प्राप्त जगदीश राम सेवानिवृत्ति के बाद कई अहम पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। वह पंचायत प्रधान, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्य, पीटीए प्रधान, सोयायटी के वाइस चेयरमैन के पद पर काम कर चुके हैं। पदों पर रहते हुए भी उनका शिक्षा का अभियान लगातार जारी रहा और बच्चों को शिक्षित किया। मार्गदर्शन के चलते कई विद्यार्थी आज उच्च पदों पर सेवाएं दे रहे हैं। जगदीश राम का कहना है कि किसी मदद हो जाए, यही उनका मकसद रहता है। बच्चों की पढ़ाई किसी कारण से रुके नहीं, इसलिए वह निशुल्क बच्चों को पढ़ाते हैं।

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हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के गांव अमरोह के 75 वर्षीय शिक्षक जगदीश राम सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षा की अलख जगा रहे हैं। 2005 में सेवानिवृत्ति के बाद से वह सुबह शाम एक-एक घंटा आसपास के बच्चों की निशुल्क पढ़ाई करवा रहे हैं। उनके पास आसपास से एक दर्जन से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई करने पहुंचते हैं। की पढ़ाई में कमियों को दूर करने के अलावा जगदीश राम आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की शिक्षण संबंधी सामग्री में भी मदद कर रहे हैं। सेवाकाल के दौरान और सेवानिवृत्ति के बाद करीब 17 वर्षों से उनका यह सिलसिला बरकरार है। छुट्टियों में भी उन्होंने बच्चों की निशुल्क पढ़ाई जारी रखी।

कमजोर बच्चों पर जगदीश राम का फोकस रहता है। का मानना ​​​​ कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। वह निशुल्क पढ़ाई करवाते हैं। रोजाना करीब एक दर्जन बच्चे सुबह-शाम उनके पास नियमित रूप से पढ़ने के लिए पहुंचते हैं। जगदीश राम अन्य सभी कामकाज छोड़कर पढ़ाने बैठ जाते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद जगदीश राम चलोला में आईटीआई में भी वह निशुल्क रूप से बच्चों की पढ़ाई करवा चुके हैं।

एमए, बीएड शिक्षा प्राप्त जगदीश राम सेवानिवृत्ति के बाद कई अहम पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। वह पंचायत प्रधान, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्य, पीटीए प्रधान, सोयायटी के वाइस चेयरमैन के पद पर काम कर चुके हैं। पदों पर रहते हुए भी उनका शिक्षा का अभियान लगातार जारी रहा और बच्चों को शिक्षित किया। मार्गदर्शन के चलते कई विद्यार्थी आज उच्च पदों पर सेवाएं दे रहे हैं। जगदीश राम का कहना है कि किसी मदद हो जाए, यही उनका मकसद रहता है। बच्चों की पढ़ाई किसी कारण से रुके नहीं, इसलिए वह निशुल्क बच्चों को पढ़ाते हैं।

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