Saturday, November 26, 2022
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Student Reached Court After Getting Zero In Neet – Madhya Pradesh: नीट में जीरो मिलने पर कोर्ट पहुंची छात्रा, कहा- 161 प्रश्न हल किए थे, Omr शीट ब्लैंक कैसे?

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मध्य प्रदेश के आगर जिले के नलखेड़ा के पास भेसोदा गांव में रहने वाली एक छात्रा नीट (NEET) परीक्षा परिणाम के खिलाफ कोर्ट पहुंची है। कहना है कि रिजल्ट में दिखाई जा रही ओएमआर शीट उसकी नहीं है। ओएमआर शीट में अंतर बताते हुए कोर्ट से न्याय की गुहार लगाई है। चौंकाने वाली बात यह है कि छात्रा ने 12वीं में सभी विषयों में डिस्टिंक्शन हासिल किया था, वहीं नीट के परिणाम में उसे शून्य नंबर मिले हैं। आशंका है कि उनकी ओएमआर शीट बदल दी गई है।

के अनुसार आगर जिले के नलखेड़ा के पास भेसोदा गांव में रहने वाली लिपाक्षी पाटीदार को नीट के सात सितंबर को घोषित परिणाम में जीरो नंबर मिले हैं। तो लिपाक्षी को रिजल्ट पर भरोसा नहीं हुआ, उसने अपने दोस्तों की आंसर शीट देखी पर उसमें कोई अंतर नहीं दिखा। छात्रा की मानें तो उसने 200 प्रश्नों में से 161 प्रश्न हल किए हैं। अनुमान था कि उसे 640 नंबर आ सकते हैं। परिणाम आने के बाद परिजनों की सलाह ली गई और इंदौर हाईकोर्ट में अपील की गई। कहना है कि हमें न्याय जरूर मिलेगा।

बता दें कि छोटे से भेसोदा गांव में संयुक्त परिवार में रहने वाली लिपाक्षी पाटीदार किसान बद्रीलाल पाटीदार की बेटी हैं। ने कक्षा दसवीं के बाद से ही डॉक्टर बनने का सपना देखा था। दसवीं में उसे 87% व 5 विषय में डिस्टिंक्शन और बारहवीं में 80% व सभी विषय में डिस्टिंक्शन मिली थी। जाकर नीट एग्जाम की तैयारी की। एग्जाम हुई, में रिजल्ट आया। उसके होश उड़ गए। छात्रा ने हिम्मत नहीं हारी और इंदौर हाईकोर्ट का दरवाजा तो खटखटाया ही है साथ ही फिर से एग्जाम की तैयारी में लग गई है।

ने बताया की एडवोकेट धमेंद्र चेलावत के जरिए इस मामले में हाईकोर्ट में चुनौती दी है। की मांग है कि हाईलेवल कमेटी बनाकर असल दस्तावेज की जांच कराई जाए। न्याय की उम्मीद है। कोर्ट के सामने कई तथ्य भी रखे हैं। छात्रा का कहना है कि जब उसने 161 प्रश्न हल किए हैं तो ओएमआर सीट खाली कैसे दिख रही। छात्रा ने एग्जाम के दिन के दस्तावेज भी डाउनलोड किए हैं तो उसमें अंतर दिखा।

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लिपाक्षी पाटीदार का कहना है कि एग्जाम सेंटर के पर्यवेक्षकों ने दो घंटे के अंतराल में साइन किए थे, लेकिन मेरी शीट पर दोनों का समय समान है। बॉक्स में मैंने अंगूठा भी लगाया था तो वह बॉक्स की लाइन पर आ गया था। जो शीट डाउनलोड की है, उसमें अंगूठा ठीक बीच में लगा हुआ है। कॉपी की हुई लग रही है। आशंका है कि इसमें कुछ फर्जीवाड़ा हुआ है।

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मध्य प्रदेश के आगर जिले के नलखेड़ा के पास भेसोदा गांव में रहने वाली एक छात्रा नीट (NEET) परीक्षा परिणाम के खिलाफ कोर्ट पहुंची है। कहना है कि रिजल्ट में दिखाई जा रही ओएमआर शीट उसकी नहीं है। ओएमआर शीट में अंतर बताते हुए कोर्ट से न्याय की गुहार लगाई है। चौंकाने वाली बात यह है कि छात्रा ने 12वीं में सभी विषयों में डिस्टिंक्शन हासिल किया था, वहीं नीट के परिणाम में उसे शून्य नंबर मिले हैं। आशंका है कि उनकी ओएमआर शीट बदल दी गई है।

के अनुसार आगर जिले के नलखेड़ा के पास भेसोदा गांव में रहने वाली लिपाक्षी पाटीदार को नीट के सात सितंबर को घोषित परिणाम में जीरो नंबर मिले हैं। तो लिपाक्षी को रिजल्ट पर भरोसा नहीं हुआ, उसने अपने दोस्तों की आंसर शीट देखी पर उसमें कोई अंतर नहीं दिखा। छात्रा की मानें तो उसने 200 प्रश्नों में से 161 प्रश्न हल किए हैं। अनुमान था कि उसे 640 नंबर आ सकते हैं। परिणाम आने के बाद परिजनों की सलाह ली गई और इंदौर हाईकोर्ट में अपील की गई। कहना है कि हमें न्याय जरूर मिलेगा।

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बता दें कि छोटे से भेसोदा गांव में संयुक्त परिवार में रहने वाली लिपाक्षी पाटीदार किसान बद्रीलाल पाटीदार की बेटी हैं। ने कक्षा दसवीं के बाद से ही डॉक्टर बनने का सपना देखा था। दसवीं में उसे 87% व 5 विषय में डिस्टिंक्शन और बारहवीं में 80% व सभी विषय में डिस्टिंक्शन मिली थी। जाकर नीट एग्जाम की तैयारी की। एग्जाम हुई, में रिजल्ट आया। उसके होश उड़ गए। छात्रा ने हिम्मत नहीं हारी और इंदौर हाईकोर्ट का दरवाजा तो खटखटाया ही है साथ ही फिर से एग्जाम की तैयारी में लग गई है।

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