Saturday, December 3, 2022
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Rating of government college will be done to increase the quality of e | उच्च शिक्षण संस्थान में बेहतर संसाधन व शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सरकारी कॉलेज की होगी रैटिंग

की टीम करतीहै निरीक्षण शिक्षण संस्थान नैक की गुणवत्ता पर खरा उतरने के लिए तैयारी करते हैं। आवेदन करने के बाद नैक की टीम संस्था का दौरा कर कॉलेज का निरीक्षण करती है। इस दौरान टीम कॉलेज में शिक्षण सुविधाएं, नतीजे, इंफ्रास्ट्रेक्चर और कॉलेज के माहौल जैसी गतिविधियों का बारीकी से निरीक्षण करती है। आधार पर नैक की टीम अपनी रिपोर्ट तैयार करती है। रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज को सीजीपीए दिया जाता है। के साथ इस रिपोर्ट को आधार मानकर कॉलेज को ग्रेड दी जाती है।

बजट के लिए मूल्यांकन का आधार विश्व विद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी के अनुसार किसी महाविद्यालय का नैक से मूल्यांकन नहीं करवाने को अनुदान नहीं मिलता है।इसी रिपोर्ट के आधार व ग्रेड के आधार पर महाविद्यालय को बजट आवंटित होता है।
के लिए ग्रेड मान्य

तहत कॉलेजों को पांच साल के लिए ग्रेड दिए जाते हैं। फिर से रेटिंग दी जाती है। अस्थायी ग्रेड देने की भी व्यवस्था की है। दो साल के लिए ग्रेड देने का प्रावधान रखा गया है। कोई कॉलेज प्रबंधन ग्रेड से संतुष्ट नहीं है तो वह छह महीनेे में कमियां दूर करके दोबारा निरीक्षण करवा सकता है। लिए दस हजार रुपए का शुल्क जमा करवाना होता है। ग्रेड सिर्फ दो साल के लिए ही मान्य होती है।

विद्यार्थियों को मिलती है सटीक जानकारी नैक रेटिंग से विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थान के बारे में सटीक जानकारी मिल जाती है। को संस्थान के बारे में शिक्षा की गुणवत्ता, अनुसंधान, बुनियादी ढांचा और इंफ्रास्ट्रेक्चर जैसे जानकारी हासिल करना आसान होती है। ग्रेडिंग के जरिए छात्र अपने लिए बेहतर कॉलेज की तलाश कर सकते हैं। ही नहीं नैक ग्रेड शिक्षण संस्थानों की दी गई डिग्रियों का मूल्य भी निर्धारित करते हैं।

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सीजीपीए के आधार पर होती है ग्रेडिंग यूजीसी ने ग्रेडिंग पैटर्न में कुछ बदलाव किया है। पहले चार श्रेणियों में कॉलेजों के रखा जाता था लेकिन अब आठ श्रेणियों में कॉलेजों को रखा जाने लगा है। अगर सीजीपीए 3.76 के बीच है तो कॉलेज को एक प्लस प्लस ग्रेड मिलता है। है कि कॉलेज सबसे बेहतर है। इसी तरह से सीजीपीए के आधार पर एक प्लस,ए,बी,प्लस प्लस,बी प्लस,बी सी और डी ग्रेड दिए जाते हैं।

मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद की टीम से कॉलेज की रेटिंग के लिए नवंबर में श्रीगंगानगर आएगी। इससे पहले कॉलेज प्रबंधन ने पिछले सात-आठ माह से पूरी तैयारी कर ली है। से आठ अक्टूबर को श्रीगंगानगर में टीम आएगी। का गाइड लाइन के अनुसार निरीक्षण करेंगी। होने पर उसको दुरुस्त करवाएगी।

-बलवंत सिंह रतन, प्राचार्य,डॉ.बीआर अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय,श्रीगंगानगर।


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