Friday, September 30, 2022
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Raipur News: अगले चुनाव में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा पर दांव खेल सकती कांग्रेस

Publication date: | Sun, Aug 21, 2022 7:57 PM (IST)

(राज्य ब्यूरो)। निजी स्कूल-कालेजों को टक्कर देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा को विस्तार देने में लगी हुई है। खोलने के बाद अब अंग्रेजी माध्यम के कालेज प्रदेश सरकार का नए सत्र में नया प्रयोग होगा। विधानसभा चुनाव का माहौल रहेगा। ऐसे में कांग्रेस अंग्रेजी माध्यम के स्कूल-कालेज पर चुनावी दांव खेल सकती है। को साधने के लिए दंतेवाड़ा के सभी हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में बदलने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अगले जून 2022 में 422 स्कूलों में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम की योजना लागू करने का ऐलान किया है। उन्होंने संकेत दिया है कि इनमें 252 स्कूल बस्तर और सरगुजा संभाग में होंगे। 10 नए अंग्रेजी के कालेज भी खुलेंगे। में अंतरराष्ट्रीय स्तर का बोर्डिंग स्कूल भी खुलेगा।

में स्वामी आत्मानंद योजना 279 स्कूलों तक पहुंच चुकी है। इनमें से 32 स्कूल हिंदी माध्यम के हैं और 247 स्कूलों में हिंदी के साथ अंग्रेी माध्यम में भी शिक्षा दी जा रही है। इस वर्ष दो लाख 52 हजार 600 विद्यार्थियों ने इन स्कूलों में प्रवेश लिया है, जिसमें एक लाख तीन हजार विद्यार्थी अंग्रेी माध्यम और एक लाख 49 हजार 600 विद्यार्थी हिंदी माध्यम के हैं।

कहा विकास का एजेंडा, भाजपा ने बताया चुनावी

का कहना है कि अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने का उद्देश्य चुनावी नहीं है। हम ऐसे विद्यार्थियों को अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देना है, जिनके अभिभावक उन्हें महंगे निजी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में प्रवेश नहीं दिला पाते। में निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं। वहीं सरकार के इस शिक्षा माडल को लेकर भाजपा ने तंज कसना शुरू कर दिया है। भाजपा का कहना है कि सरकार केवल चुनिंदा स्कूल-कालेजों का रंग-रोगन और अंग्रेजी माध्यम का नाम देकर चुनावी लाभ लेने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दो महीने पहले प्रदेश के तमाम जिलों में दौरा करके लोगों का फीडबैक भी ले चुके हैं।

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भाषा में शिक्षा की बढ़ती मांग और सामाजिक प्रभाव के कारण मुख्यमंत्री ने बयान दिया था कि जरूरत पड़ने पर लगातार स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोले जाएंगे। माध्यम स्कूल की संख्या वर्तमान में बढ़कर 247 हो गई है। आगामी शिक्षा सत्र में 422 स्कूलों में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना लागू करने की घोषणा की है। से 252 स्कूल अकेले बस्तर और सरगुजा संभाग में होंगे। ही 10 कालेज भी अंग्रेजी माध्यम में बदले जाएंगे।

एजेंडा पर लड़ते हैं चुनाव

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि स्वामी आत्मानंद योजना को चुनावी दृष्टि से देखना गलत है। के बच्चों को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए मौका मिले। के बाद कालेज भी अंग्रेजी में इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं।

कांग्रेस राम-कृ ष्ण की राजनीति करके चुनाव नहीं लड़ती है। रूप में हम विकास एजेंडा को लेकर चुनाव लड़ते हैं। योजना का निश्चित रूप से हमें चुनाव में फायदा भी मिलेगा। में 15 वर्ष तक भाजपा की सरकार थी। अटल बिहारी या श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर भाजपा चाहती तो ऐसे स्कूल खोल सकती थी।

लेने के लिए खेला दांव

प्रवक्ता व पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सरकार लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है। है। कुछ महीने पहले सरकार 422 अंग्रेजी माध्यम के स्कूल और 10 कालेज खोलने का चुनावी दांव खेल रही है। प्रदेश के 56 हजार अन्य स्कूलों की ओर सरकार का ध्यान नहीं है। शिक्षा की गुणवत्ता दिन-ब-दिन गिर रही है। बुनियादी सुविधाएं नहीं रह गई।

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में स्कूल छोड़ रहे हैं। दंतेवाड़ा में आदिवासियों को रिझाने का प्रयास तो किया गया है पर यहां आवासीय विद्यालयों की हालत खस्ता हो गई है। स्कूलों और यहां के शिक्षकों से सौतेला व्यवहार हो रहा है। गांधी परिवार को ही पकड़ रखे हैं। हम आत्मानंद जी का विरोध नहीं करते हैं, लेकिन बाकी विभूतियों को भी नाम देना चाहिए।

Posted by: Pramod Sahu

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