Saturday, October 8, 2022
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Punjab Government Is Promoting Implementation Of Delhi Model For Education, But Ground Condition Is Bad – Punjab: पंजाब के सरकारी कॉलेजों में लेक्चरर के 84 फीसदी पद खाली, आसान नहीं दिल्ली का शिक्षा मॉडल बनाना

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नई सरकार के गठन को छह माह बीत चुके हैं। सरकार शिक्षा के लिए दिल्ली मॉडल को लागू करने का प्रचार कर रही है, लेकिन जमीनी हालत काफी खस्ता है। मान सरकार के लिए दिल्ली के शिक्षा मॉडल को पूरी तरह से लागू करना आसान नहीं है, क्योंकि उच्च शिक्षा विभाग में अदालतों का तानाबाना इस कदर उलझा हुआ है कि भर्ती की प्रक्रिया 19 साल से रुकी हुई है।

पंजाब के 64 सरकारी कॉलेजों में लेक्चरर्स के 2045 पद हैं, जिसमें से 84 फीसदी खाली हैं। कॉलेजों में 240 नियमित शिक्षक ही पढ़ा रहे हैं। के मुताबिक इन कॉलेजों में करीब 75 हजार विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। 2003 के बाद से राज्य के सरकारी कॉलेजों में लेक्चरर्स की भर्ती ही नहीं हुई है और यहां गेस्ट और पार्ट टाइम लेक्चरर्स की मदद से काम चलाया जा रहा है। कॉलेजों में सबसे अधिक अंग्रेजी लेक्चरर के पद खाली हैं। राज्य के खस्ता हालत में पहुंच चुके 64 कॉलेजों में से छह संगरूर और छह लुधियाना जिले के हैं। भगवंत मान का गृह जिला है। से दो बार सांसद भी रह चुके हैं।

लेक्चरर को रखेगी अस्थायी तौर पर

सरकार सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों के लिए अस्थायी भर्ती करने जा रही है। 400 लेक्चरर्स पदों पर रिटायर्ड लोगों को रखने की तैयारी है। उनको प्रति लेक्चर 850 रुपये ग्रामीण इलाकों के लिए व 750 रुपये शहरी कॉलेजों के मिलेंगे। लिए सरकार पांच करोड़ का बजट रखने जा रही है।

खाली हैं, सरकार व्यवस्था कर रही है :

कॉलेज राजीव गुप्ता का कहना है कि सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों के पद खाली हैं, इसकी व्यवस्था की जा रही है। काफी केस अदालत में लंबित हैं, जिस कारण भर्ती नहीं हो पाई है। ने 1158 शिक्षकों की भर्ती भी रद्द कर दी है। उसकी जजमेंट अभी आई नहीं है, उसको पढ़ने के बाद ही आगे फैसला लिया जाएगा।

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नई सरकार के गठन को छह माह बीत चुके हैं। सरकार शिक्षा के लिए दिल्ली मॉडल को लागू करने का प्रचार कर रही है, लेकिन जमीनी हालत काफी खस्ता है। मान सरकार के लिए दिल्ली के शिक्षा मॉडल को पूरी तरह से लागू करना आसान नहीं है, क्योंकि उच्च शिक्षा विभाग में अदालतों का तानाबाना इस कदर उलझा हुआ है कि भर्ती की प्रक्रिया 19 साल से रुकी हुई है।

पंजाब के 64 सरकारी कॉलेजों में लेक्चरर्स के 2045 पद हैं, जिसमें से 84 फीसदी खाली हैं। कॉलेजों में 240 नियमित शिक्षक ही पढ़ा रहे हैं। अनुमान के मुताबिक इन कॉलेजों में करीब 75 हजार विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। 2003 के बाद से राज्य के सरकारी कॉलेजों में लेक्चरर्स की भर्ती ही नहीं हुई है और यहां गेस्ट और पार्ट टाइम लेक्चरर्स की मदद से काम चलाया जा रहा है। कॉलेजों में सबसे अधिक अंग्रेजी लेक्चरर के पद खाली हैं। राज्य के खस्ता हालत में पहुंच चुके 64 कॉलेजों में से छह संगरूर और छह लुधियाना जिले के हैं। भगवंत मान का गृह जिला है। से दो बार सांसद भी रह चुके हैं।

लेक्चरर को रखेगी अस्थायी तौर पर

सरकार सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों के लिए अस्थायी भर्ती करने जा रही है। 400 लेक्चरर्स पदों पर रिटायर्ड लोगों को रखने की तैयारी है। उनको प्रति लेक्चर 850 रुपये ग्रामीण इलाकों के लिए व 750 रुपये शहरी कॉलेजों के मिलेंगे। लिए सरकार पांच करोड़ का बजट रखने जा रही है।

खाली हैं, सरकार व्यवस्था कर रही है :

कॉलेज राजीव गुप्ता का कहना है कि सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों के पद खाली हैं, इसकी व्यवस्था की जा रही है। काफी केस अदालत में लंबित हैं, जिस कारण भर्ती नहीं हो पाई है। ने 1158 शिक्षकों की भर्ती भी रद्द कर दी है। उसकी जजमेंट अभी आई नहीं है, उसको पढ़ने के बाद ही आगे फैसला लिया जाएगा।

पंजाब में 550 लेक्चरर की भर्ती किए जाने की योजना है। प्रक्रिया से पहले अस्थायी तौर पर रिटायर लेक्चरर को तैनात किया जा रहा है। – मंत्री,

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