Thursday, September 29, 2022
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price of Arhar and Urad Dal jump by more than 15 percent After the fall of edible oils on the inflation pitch now pulses took the lead – Business News India – महंगाई की पिच पर खाद्य तेलों के लुढ़कने के बाद अब दालों ने मोर्चा संभाला, अरहर

महंगाई की पिच पर खाद्य तेलों के लुढ़कने के बाद अब दालों ने मोर्चा संभाल लिया है। पिछले 6 हफ्तों में अरहर दाल और उड़द दाल की कीमतों में 15% से अधिक की उछाल दर्ज की गई है। इसकी सबसे बड़ी वजह जलभराव के कारण फसल के नुकसान की आशंका, चालू खरीफ सीजन में रकबे में गिरावट और कम स्टॉक है।

छह सप्ताह पहले के ₹97 रुपये थी अरहर दाल की कीमत

महाराष्ट्र के लातूर में अच्छी क्वॉलिटी की अरहर की दाल की एक्स-मिल कीमत लगभग छह सप्ताह पहले के ₹97 रुपये थी, जो अब  बढ़कर ₹115 प्रति किलोग्राम हो गई है। कृषि मंत्रालय द्वारा जारी बुवाई के  लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, अरहर का रकबा एक साल पहले की तुलना में 4.6% कम था, जबकि उड़द  2% कम है। प्रमुख तुअर उत्पादक क्षेत्रों में भारी वर्षा और जलजमाव ने फसल के नुकसान के बारे में चिंताएं बढ़ा दी हैं। 

अधिक बारिश से उड़द की फसल को अधिक नुकसान होने की आशंका

महाराष्ट्र में दालों के एक आयातक कह रहे हैं, “हम अफ्रीका से 5,00,000 टन की खेप की उम्मीद कर रहे हैं, जो अगस्त/सितंबर तक आएगी।” अधिक बारिश से उड़द की फसल को अधिक नुकसान होने की आशंका है। बता दें महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात में उड़द की फसल को कुछ नुकसान हुआ है, लेकिन सबसे बड़े और दूसरे सबसे बड़े उत्पादक राज्यों मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में फसल अच्छी स्थिति में है। उम्मीद है कि बारिश के नुकसान के बावजूद उड़द की कीमतें कम रहने की संभावना है, क्योंकि म्यांमार से आयात बढ़ने की उम्मीद है। 

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इस बीच, उपभोक्ताओं को मसूर की कीमतों पर कुछ राहत मिली है, जो एक साल से उच्च स्तर पर बनी हुई थी। आयातित साबुत मसूर की कीमत 29 जून को ₹71.50 प्रति किलोग्राम से घटकर 8 अगस्त को ₹67 हो गई है। वहीं, चना और मूंग दाल की कीमतें सीमित दायरे में बनी हुई हैं।

सरसों तेल का भाव लगभग 30 रुपये लीटर सस्ता

बाजार सूत्रों ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले सरसों तेल का भाव लगभग 30 रुपये लीटर सस्ता है। वहीं, एक से 10 सितंबर के बीच के आगे के खाद्य तेलों के सौदों में आयातित तेलों के दाम अपने मौजूदा भाव से भी सस्ता बैठने की संभावना है। इन आयातित तेलों के भाव पहले ही दो-ढाई महीने पूर्व के भाव के मुकाबले आधे रह गए हैं और आगे की सीपीओ और पामोलीन खेपों के भाव, और 16 रुपये प्रति किलो सस्ता होने के आसार हैं। सूरजमुखी तेल के आगे के सौदे भी मौजूदा भाव से 20-25 रुपये प्रति किलो सस्ता होने की पूरी संभावना है।

इनपुट: एजेंसी

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