Thursday, September 29, 2022
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PM Narendra Modi cheetahs voice roar video Akhilesh Yadav Ajay Sherawat tweet – India Hindi News – चीते की आवाज पर ट्वीट कर बुरे फंसे अखिलेश यादव, BJP क्यों बोली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नामिबिया से लाए गए 8 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा। में बंद चीते का एक वीडियो सामने आया है जिसमें उसे बोलते हुए देखा जा सकता है। अखिलेश यादव ने चीते की आवाज को लेकर चुटकी ली है। अखिलेश ने ट्वीट करके कहा, ‘सबको इंतजार था दहाड़ का… पर ये तो निकला बिल्ली मौसी के परिवार का।’

अखिलेश यादव के इस ट्वीट का दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता अजय शेरावत ने मजाक उड़ा दिया। ने ट्वीट करके कहा, ‘ये ऑस्ट्रेलिया से पढ़े हैं। ‘ उन्होंने दूसरे ट्वीट में कहा कि कोई अखिलेश भईया को बताओ बिल्ली, चीता और शेर अलग होते हैं। वहीं, सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अखिलेश यादव को यह ज्ञान दिया है कि चीते दहाड़ते नहीं हैं।

आवाज को लेकर क्या है सच्चाई?
पीटीआई की रिपोर्ट में बताया गया है कि शेर, बाघ, और जगुआर के मुकाबले चीते दहाड़ते नहीं हैं। वहीं, नेशनल जियोग्राफिक की वेबसाइट के मुताबिक शेर, बाघ और तेंदुए की तरह चीता दहाड़ते नहीं हैं। बल्कि Spiders (बिल्ली जैसे म्याऊं या घुरघुराहट वाली आवाज) करते हैं। चीता महज तीन सेकंड में 100 मीटर की दौड़ लगा सकता है जो अधिकतर कारों से कहीं तेज है। , वह आधा मिनट से ज्यादा अपनी यह रफ्तार कायम नहीं रख सकता।

नामीबिया स्थित गैर लाभकारी ‘चीता कंजर्वेशन फंड’ (सीसीएफ) ने कहा कि चीते के पैर के तलवे सख्त और अन्य मांसाहारी जंतुओं की तुलना में कम गोल होते हैं। पैर के तलवे किसी टायर की तरह काम करते हैं जो उन्हें तेज, तीखे मोड़ों पर घर्षण प्रदान करते हैं। सीसीएफ के अनुसार, चीते की लंबी मांसपेशीय पूंछ एक पतवार की तरह स्थिर करने का काम करती है और उनके शरीर के वजन को संतुलित रखती है। की गतिविधि के अनुसार अपनी पूंछ घुमाते हुए उन्हें तेज गति से उनका पीछा करने के दौरान अचानक तीखे मोड़ लेने में मदद मिलती है।

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आए चीतों की प्रजाति के बारे में
प्रजाति के शरीर पर आंख से लेकर मुंह तक विशिष्ट काली धारियां होती हैं और ये धारियां उन्हें सूर्य की चकाचौंध से बचाती है। माना जाता है कि चीता राइफल के स्कोप की तरह काम करता है, जिससे उन्हें लंबी दूरी पर भी अपने शिकार पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है। चीता अक्सर जंगली प्रजातियों का शिकार करता है और घरेलू जानवरों का शिकार करने से बचता है, बीमार या घायल और युवा युवा या गैर अनुभवी घरेलू मवेशियों मवेशियों को भी शिकार बना सकता है।

अकेला वयस्क चीता हर 2 से 5 दिन में शिकार करता है और उसे हर 3 से 4 दिन में पानी पीने की जरूरत होती है। चीता एकांत जीवन व्यतीत करती हैं और वे केवल संभोग के लिए जोड़ी बनाती हैं और फिर अपने शावकों को पालते हुए उनके साथ रहती हैं। नर चीता आम तौर पर अकेला होता है लेकिन उसके भाई अक्सर साथ रहते हैं और साथ मिलकर शिकार करते हैं। चीता अपना ज्यादातर वक्त सोते हुए बिताता है और दिन में अत्यधिक गर्मी के दौरान बहुत कम सक्रिय रहता है। मादा चीते की गर्भावस्था महज 93 दिन की होती है और वह 6 शावकों को जन्म दे सकती हैं। जंगल में चीते का औसत जीवन काल 10-12 वर्ष का होता है और पिंजरे में वे 17 से 20 साल तक रह सकते हैं।

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