Friday, September 30, 2022
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NIFTY 17400 से नीचे आया, Sensex 1020 अंक फिसला, पावर, रियल्टी और बैंक शेयर ज्यादा गिरे – sensex nifty slips third day in a row why are markets falling

इंडियन शेयर मार्केट्स में 23 सितंबर (शुक्रवार) को लगातार तीसरे दिन गिरावट दिखी। बाजार के प्रमुख सूचकांक Sensex और निफ्टी 1.5 फीसदी से ज्यादा गिर गए। का कहना है कि अमेरिका में फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट लगातार बढ़ाने और चीन की इकोनॉमी में सुस्ती का असर ग्लोबल इकोनॉमी की ग्रोथ पर पड़ेगा। से स्टॉक मार्केट का सेंटिमेंट कमजोर हुआ है।

ICICI Effects के मुताबिक, फेडरल रिजर्व जिस तरह इंटरेस्ट रेट बढ़ा रहा है, उसका अमेरिकी इकोनॉमी की ग्रोथ पर खराब असर पड़ना तया है। इससे फाइनेंशियल ईयर 2022-23 की दूसरी तिमाही में अमेरिकी इकोनॉमी मंदी में जा सकती है। उधर, फेडरल रिजर्व यह कह चुका है कि वह इनफ्लेशन को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी इकोनॉमी में मंदी को बर्दाश्त कर सकता है।

इस हफ्ते बुधवार को फेडरल रिजर्व ने इंटरेस्ट रेट 0.75 फीसदी बढ़ा दिया। हाई इनफ्लेशन और इकोनॉमी में सुस्ती का अनुमान जताया है। इस वजह से 23 सितंबर को बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 2:45 बजे 990 अंक यानी 1,68 फीसदी गिरकर 58,128 अंक पर आ गया। NSE का 50 शेयरों वाला NIFTY 50 भी 1.66 फीसदी यानी 293 अंक गिरकर 17,336 अंक पर आ गया।

से शेयर बाजारों में आई गिरावट:

का रुख

इस हफ्ते बुधवार को अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने इंटरेस्ट रेट 0.75 फीसदी बढ़ा दिया। कि इंटरेस्ट रेट में वृद्धि का सिलसिला जारी रहेगा। एक्सपर्ट्स का मानना ​​​​है कि फेड नवंबर में इंटरेस्ट रेट में 0.75 फीसदी और दिसंबर में 0.50 फीसदी वृद्धि कर सकता है। वह अंतिम बार फरवरी में 0.25 फीसदी की वृद्धि कर सकता है। ग्लोबल इकोनॉमी की ग्रोथ पर पड़ेगा।

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RBI

इंडिया में RBI ने भी अपना रुख कड़ा कर दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि वह मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की अगली बैठक में इंटरेस्ट रेट में 0.50 फीसदी वृद्धि कर सकता है। दिसंबर में भी वह इंटरेस्ट रेट 0.35 फीसदी बढ़ा सकता है। केंद्रीय बैंक अगले साल भी इंटरेस्ट रेट 0.50 फीसदी बढ़ा सकता है। इससे अगले साल अप्रैल तक रेपो रेट बढ़कर 6.75 फीसदी पर पहुंच जाएगा। RBI की MPC की बैठक 28-30 सितंबर को होने वाली है।

लिक्विडिटी

पिछले 40 महीनों में पहली बार बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी में कमी आई है। लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए RBI ने वेरिएबल रेट रेपो (VRR) के तहत गुरुवार को 50,000 करोड़ रुपये के ऑक्शन किए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि एडवान्स टैक्स डिपॉजिट से सिस्टम से पैसे निकलने, क्रेडिट डिमांड बढ़ने और डिपॉजिट ग्रोथ में कमी की वजह से लिक्विडिटी घटी है।

वैल्यूएशंस

इंडियन मार्केट में शेयरों की कीमतें बढ़ने से वैल्यूएशन बहुत हाई लेवल पर पहुंच गया है। बीएनपी पारिबा ने कहा है कि ग्लोबल और एशियाई शेयरों के मुकाबले इंडियन शेयरों का प्रीमियम वैल्यूएशन टिकाऊ नहीं है। को सपोर्ट देने वाले फैक्टर्स के अभाव में बीएनबी ने इनवेस्टर्स को इंडियन शेयरों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है।

की ग्रोथ

ने इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ के अपने अनुमान घटा दिए हैं। के जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े उम्मीद के मुकाबले कम रहे हैं। Asian Development Bank (ADB) ने इस फाइनेंशियल ईयर में इंडिया की ग्रोथ के अनुमान को 7.8 फीसदी से घटाकार 7 फीसदी कर दिया है। मूडीज ने कैलेंडर ईयर 2022 में इंडिया की ग्रोथ के अनुमान को 8.8 फीसदी से घटाकर 7.7 फीसदी कर दिया है।

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