Friday, September 30, 2022
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New rule for debit card credit cardholders from next month 1 October RBI Tokenisation Rule – Business News India

RBI tokenization rule: देशभर में बढ़े रहे साइबर ठगी के मामलों पर शिकंजा कसने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अगले महीने से अहम बदलाव करने जा रहा है। दरअसल, आरबीआई क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों के लिए 1 अक्टूबर से कार्ड-ऑन-फाइल टोकनाइजेशन (CoF card tokenization) नियम ला रहा है। आरबीआई के मुताबिक, इस नियम के लागू होने के बाद कार्डहोल्डर्स को ज्यादा सुविधाएं और सुरक्षा मिलेगी।
आपको बता दें कि पहले यह नियम 1 जनवरी 2022 से लागू होने वाला था, लेकिन अब आरबीआई ने इस डेडलाइन को 6 माह के लिए बढ़ा कर 30 जून कर दिया था। बाद में RBI ने इसकी डेडलाइन फिर से बढ़कर 1 अक्टूबर 2022 कर दिया गया। इसका मतलब यह है कि टोकनाइजेशन की सुविधा अगले महीने 1 अक्टूबर से लागू कर दी जाएगी। ऐसे में आरबीआई ने सभी क्रेडिट और डेबिट कार्ड डेटा ऑनलाइन, पॉइंट-ऑफ-सेल और इन ऐप से होने वाले लेन-देन को एक ही में मर्ज कर यूनिक यूनिक टोकन जारी करने को कहा है। हैं इस सुविधा के बारे में डिटेल्स में..

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जब आप लेन-देन के लिए अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हैं, तो लेन-देन 16-अंक के कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट, सीवीवी के साथ-साथ वन-टाइम पासवर्ड या ट्रांज़ैक्शन पिन जैसी जानकारी पर आधारित होता है। इन सभी जानकारी को सही से डाला जाता है तभी लेनदेन सफल होता है। टोकनाइजेशन वास्तविक कार्ड विवरण को “टोकन” नामक एक यूनिक वैकल्पिक कोड में बदलेगा। यह टोकन कार्ड, टोकन अनुरोधकर्ता और डिवाइस के आधार पर हमेशा यूनिक होगा।

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टोकनाइजेशन सुरक्षित ?
कार्ड के विवरण एन्क्रिप्टेड तरीके से स्टोर किए जाते हैं, तो धोखाधड़ी का जोखिम बहुत कम हो जाता है। आसान भाषा में, जब आप अपने डेबिट/क्रेडिट कार्ड की जानकारी टोकन के रूप में शेयर करते हैं तो आपका रिस्क कम हो जाता है।

16-अंक का डेबिट, क्रेडिट कार्ड नंबर याद रखने की जरूरत नहीं
बैंक ने कहा है कि टोकन व्यवस्था के तहत हर लेनदेन के लिए कार्ड विवरण इनपुट करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। भुगतान को और प्रभावी बनाने और इसे सुरक्षित बनाने के लिए रिजर्व बैंक के प्रयास जारी रहेंगे।

करेगा ?
व्यवस्था में आपके कार्ड की जानकारी को यूनिक वैकल्पिक कोड में बदल दिया जाएगा। की मदद से भुगतान संभव हो सकेगा। प्रक्रिया में भी आपको अपने कार्ड के सीवीवी नंबर और वन टाइम पासवर्ड की जरूरत पड़ेगी। अतिरिक्त सत्यापन के लिए भी सहमति देनी होगी।

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होगा ?
के दौरान आपको टोकन नंबर चुनने का विकल्प दिया जाएगा। इस पर क्लिक करते ही संबंधित कार्ड की जानकारी को टोकन नंबर में परिवर्तित करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। लेकर अनुरोध भेजा जाएगा। आपको कार्ड नंबर की बजाय टोकन नंबर दिया जाएगा। से भुगतान कर पाएंगे। खास बात यह है कि अलग-अलग वेबसाइट के लिए एक ही कार्ड के लिए अलग-अलग टोकन नंबर जारी किए जाएगा।

करेगा टोकन ?
, मास्टरकार्ड और रूपे जैसे कार्ड नेटवर्क के जरिए टोकन नंबर जारी किया जाएगा। जारी करने वाले बैंक को इसकी सूचना देंगे। बैंक कार्ड नेटवर्क को टोकन जारी करने से पहले बैंक से इजाजत लेनी पड़ सकती है।

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सेवा का लाभ उठाने के लिए ग्राहक को क्या शुल्क चुकाने होंगे?
सेवा का लाभ उठाने के लिए ग्राहक को कोई शुल्क नहीं देना होगा।

के लिए कार्ड का टोकन अनिवार्य है?
नहीं, ग्राहक यह चुन सकता है कि उसके कार्ड को टोकन दिया जाए या नहीं। जो लोग टोकन नहीं बनाना चाहते हैं वे लेन-देन करते समय मैन्युअल रूप से कार्ड डिटेल दर्ज करके पहले की तरह लेनदेन करना जारी रख सकते हैं।

कोई ग्राहक टोकन के लिए अनुरोध कर सकने वाले कार्डों की संख्या की कोई सीमा है?
भी कार्डों के टोकन के लिए अनुरोध कर सकता है। लेनदेन करने के लिए, ग्राहक टोकन अनुरोधकर्ता ऐप के साथ रजिस्टर्ड किसी भी कार्ड का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र होगा।

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कोई कार्ड जारीकर्ता किसी विशेष के टोकनकरण से इंकार कर सकता है?
जोखिम धारणा आदि के आधार पर, कार्ड जारीकर्ता यह निर्णय ले सकते हैं कि उनके द्वारा जारी कार्डों को टोकन अनुरोधकर्ता द्वारा रजिस्टर्ड करने की अनुमति दी जाए या नहीं।

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