Saturday, December 3, 2022
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Ladies Showing The Right Path To The Students – विद्यार्थियों को सही राह दिखा आगे बढ़ा रहीं देवियां

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s भगवान का दर्जा दिया गया है। शिक्षिका बन यह देवियां बच्चों को सही राह दिखाते हुए उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दे रही हैं। का कहना है कि उनको सबसे ज्यादा खुशी तब होती है जब उन्हें पता चलता है कि उनके द्वारा शिक्षित विद्यार्थी जीवन में एक उच्च मुकाम तक पहुंच गया है। को अनुभव करना ही प्रत्येक शिक्षक का एक सपना होता है। वहीं उनकी ओर से कक्षा में आने वाले प्रत्येक छात्र पर बराबर ध्यान दिया जाता है, ताकि कोई भी विद्यार्थी शिक्षा से वंचित न रह जाए।
सबसे जरूरी
रहने के लिए सबसे जरूरी शिक्षा है। को शिक्षा देने का प्रयास कर रही हैं। गया है कि बिना गुरु के ज्ञान अधूरा होता है। कि प्रत्येक छात्र शिक्षित होकर आगे बढ़े।
– शर्मा, प्राचार्य पीकेआर गर्ल्स स्कूल, अंबाला सिटी।
खुशी पल पल
छात्र जीवन में उच्च शिखर पर पहुंच जाए वह पल शिक्षक के लिए खुशी का होता है। इसी पल को जीने के लिए प्रत्येक अध्यापक छात्र पर विशेष रूप से ध्यान देता है।
– , , स्कूल, सिटी।
में बनें
शिक्षित हो इसके लिए अध्यापक प्रयास करता है। ओर से प्रयास किया जा रहा है कि अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षित कर उनको जीवन में सफल बना सकें।
– कौर, , स्कोलर स्कूल भानोखेड़ी, अंबाला सिटी।
ज्ञान जरूरी जरूरी
कर्तव्य यह है कि वह कमजोर बच्चे को जीवन में सफल बना कर दिखाएं। ओर से किताबी ज्ञान के अलावा व्यावहारिक द्वारा दिया जाता है जो उनके जीवन भर काम आए।
-शोभा धीमान, , आठ, अंबाला सिटी।
दिखाना
भगवान का दर्जा दिया गया है। हमारा कर्तव्य है कि बच्चे को सही राह दिखाते हुए सफल इंसान बनाने का कार्य करे। वह सही रास्ते पर चलें, बल्कि जीवन में सफल बने।
-रेखा गोयल, , महाविद्यालय, अंबाला सिटी।
ज्ञान चाहिए
बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देना जरूरी नहीं, उनको जीवन का ज्ञान देना भी जरूरी है। प्रयास किया जाता है कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ बच्चों को उनके कर्तव्यों से अवगत करवाया जाए।
– , ​​, स्कूल, सिटी।
बहुत गई
पद्धति बहुत बदल गई है। लिए बच्चों के साथ चलना जरूरी है। के माध्यम से आधुनिक पढ़ाई की ओर कदम रखते हुए बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं।
, ट्री पंजोखरा, अंबाला छावनी।
का करें
जिनकी पढ़ाई में रुचि नहीं होती ऐसे बच्चों में रुचि लाने के लिए प्रयास करते हैं। है। किताबी ज्ञान एक पल के लिए रह जाता है परंतु व्यवहारिक जीवन भर काम आता है।
-अनु कोहली, , डीएवी पब्लिक स्कूल, अंबाला सिटी।
आगे असंभव
के जीवन में आगे बढ़ना संभव नहीं है। को सही शिक्षा देना एक अध्यापक का ही कार्य है। अध्यापक को विद्यार्थी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
– . , वल्लभ स्कूल, सिटी।

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s भगवान का दर्जा दिया गया है। शिक्षिका बन यह देवियां बच्चों को सही राह दिखाते हुए उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दे रही हैं। का कहना है कि उनको सबसे ज्यादा खुशी तब होती है जब उन्हें पता चलता है कि उनके द्वारा शिक्षित विद्यार्थी जीवन में एक उच्च मुकाम तक पहुंच गया है। को अनुभव करना ही प्रत्येक शिक्षक का एक सपना होता है। वहीं उनकी ओर से कक्षा में आने वाले प्रत्येक छात्र पर बराबर ध्यान दिया जाता है, ताकि कोई भी विद्यार्थी शिक्षा से वंचित न रह जाए।

सबसे जरूरी

रहने के लिए सबसे जरूरी शिक्षा है। को शिक्षा देने का प्रयास कर रही हैं। गया है कि बिना गुरु के ज्ञान अधूरा होता है। कि प्रत्येक छात्र शिक्षित होकर आगे बढ़े।

– शर्मा, प्राचार्य पीकेआर गर्ल्स स्कूल, अंबाला सिटी।

खुशी पल पल

छात्र जीवन में उच्च शिखर पर पहुंच जाए वह पल शिक्षक के लिए खुशी का होता है। इसी पल को जीने के लिए प्रत्येक अध्यापक छात्र पर विशेष रूप से ध्यान देता है।

– , , स्कूल, सिटी।

में बनें

शिक्षित हो इसके लिए अध्यापक प्रयास करता है। ओर से प्रयास किया जा रहा है कि अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षित कर उनको जीवन में सफल बना सकें।

– कौर, , स्कोलर स्कूल भानोखेड़ी, अंबाला सिटी।

ज्ञान जरूरी जरूरी

कर्तव्य यह है कि वह कमजोर बच्चे को जीवन में सफल बना कर दिखाएं। ओर से किताबी ज्ञान के अलावा व्यावहारिक द्वारा दिया जाता है जो उनके जीवन भर काम आए।

-शोभा धीमान, , आठ, अंबाला सिटी।

दिखाना

भगवान का दर्जा दिया गया है। हमारा कर्तव्य है कि बच्चे को सही राह दिखाते हुए सफल इंसान बनाने का कार्य करे। वह सही रास्ते पर चलें, बल्कि जीवन में सफल बने।

-रेखा गोयल, , महाविद्यालय, सिटी।

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ज्ञान चाहिए

बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देना जरूरी नहीं, उनको जीवन का ज्ञान देना भी जरूरी है। प्रयास किया जाता है कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ बच्चों को उनके कर्तव्यों से अवगत करवाया जाए।

– , ​​, स्कूल, सिटी।

बहुत गई

पद्धति बहुत बदल गई है। लिए बच्चों के साथ चलना जरूरी है। के माध्यम से आधुनिक पढ़ाई की ओर कदम रखते हुए बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं।

, ट्री पंजोखरा, अंबाला छावनी।

का करें

जिनकी पढ़ाई में रुचि नहीं होती ऐसे बच्चों में रुचि लाने के लिए प्रयास करते हैं। है। किताबी ज्ञान एक पल के लिए रह जाता है परंतु व्यवहारिक जीवन भर काम आता है।

-अनु कोहली, , डीएवी पब्लिक स्कूल, अंबाला सिटी।

आगे असंभव

के जीवन में आगे बढ़ना संभव नहीं है। को सही शिक्षा देना एक अध्यापक का ही कार्य है। अध्यापक को विद्यार्थी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

– . , वल्लभ स्कूल, सिटी।

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