Wednesday, October 5, 2022
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Jammu Kashmir: भय्या जी जोशी बोले- सामाजिक, औद्योगिक, कला एवं शिक्षा क्षेत्र में विकृति से समाज का पतन होगा

: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जम्मू महानगर संपर्क विभाग की ओर से आयोजित सगोष्ठी में सदस्य अखिल भारतीय कार्यकारिणी, आरएसएस सुरेश भय्या जी जोशी ने कहा कि सामाजिक, औद्योगिक, कला एवं शिक्षा क्षेत्र में अगर विकृति आएगी तो समाज का पतन होगा।देश में जीवन के मुल्य अथवा कानून से नहीं परंपरा से आए हैं। 1948 के बाद कुछ परिवर्तन भारत में हुए, समाज में आई विकृतियों को दूर भी किया गया लेकिन परिवर्तन की है।देश हर क्षेत्र में आज महिलाएं अहम भूमिका निभा रही है।शिक्षा और सेवा में महिलाओं योगदान सराहनीय रहा है। विज्ञान और उद्योग जगत के अतिरिक्त सेना, समाजिक कार्यों आदि में भी महिलाओं की भूमिका सराहनीय रही है। सकारात्मक उर्जा समाज और देश को प्राप्त हो रही है। जी राष्ट्र के उत्थान में महिलाओं की भूमिका विषय पर आयोजित संगोष्ठी के मुख्य वक्ता थे।

गुलशन ग्राउंड में आयोजित संगोष्ठी का शुभारंभ भय्या जी जोशी, जम्मू कश्मीर प्रांत के संघचालक डा. मैंगी और कार्यक्रम की अध्यक्ष सेवा निवृत आईएएस अधिकारी निर्मल शर्मा ने संयुक्त रुप से द्वीप प्रज्ज्वलित कर भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि से किया। में जम्मू महानगर की समाज के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित प्रबुद्व सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया। समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

जी जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला और पुरुष समाज के दो पहिए हैं। सपना है। होने चाहिए, सम्मान और सुरक्षा मिले। ️ सपना प्रत्यन करने से ही संभव होगा। हमें प्रत्यनशील रहना होगा। कहा कि प्राप्त करने के बाद इसका संरक्षण जरूरी है।अागे बढ़ने के लिए यह करना जरूरी है।

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कि भारत कभी समाप्त होने वाला नहीं। ने यह कहा है। और समाज कभी समाप्त नहीं होगा। प्रवाह से चलता रहेगा। हैं। इसलिए यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हम ऐसे भारत देश में रहते हैं। कहा कि कई प्रकार की विविधत्ताओं भरा हुआ हमारा समाज है।देश में एक समान परिवार व्यवस्था के कारण हम एक दिखाई देते हैं। परिवार व्यवस्था विश्व में अनोखी है। में परिवार की व्यवस्था को कानूनी दायरे में लाया गया। व्यवस्था भारत की परंपरा नहीं है। संबंधों को समाज और परिवार मान्यता देता है। धार्मिक मान्यताओं का देश है।

Edited by: Vikas Abrol

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