Monday, December 5, 2022
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Explainer: क्या अब दिल्ली में ग्रीन पटाखे भी नहीं फूटेंगे? ऑनलाइन सेल भी बैन, जानिए बड़े सवालों के जवाब – delhi arvind kejriwal government government bans firecrackers diwali air pollution all you need to know ntc

Delhi fireworks ban: इस साल भी बिना पटाखों वाली दिवाली ही बनेगी. सरकार ने पटाखों की बिक्री और भंडारण पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी.

गोपाल राय ने ट्वीट कर कहा कि दिल्ली में लोगों को प्रदूषण के खतरे से बचाने के लिए पिछले साल तरह इस बार भी सभी तरह के पटाखों के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जा रहा है, लोगों की .

भी बताया कि इस बार पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगाई जा रही है. , ये नहीं बताया कि ये प्रतिबंध से लागू होगा.

1. बैन क्यों?

दिल्ली की हवा खराब होने लगती है. कारण . ये कि अक्टूबर से मौसम बदलने लगता है. तापमान गिर जाता है और हवा की स्पीड पर भी असर पड़ता है, पॉल्यूटेंट्स जम जाते हैं और प्रदूषण बढ़ है.

मौसम में दिल्ली के आसपास के राज्यों में किसान पराली भी जलाना शुरू करते हैं. और है. पटाखे फोड़ने से हालात और खराब हो जाते हैं.

से रोकने के लिए पिछले साल भी दिल्ली में पटाखों बैन लगा दिया गया था. इस साल भी दिल्ली सरकार ने पटाखों पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है.

2. रहेगा बैन?

सरकार में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया है कि पटाखों के उत्पादन, , और उपयोग पर पूरी तरह रोक रहेगी. 1 2023 रहेगा. , ये नहीं बताया कि ये प्रतिबंध से लागू होगा. 28 सितंबर 2021 1 जनवरी 2022 प्रतिबंध था.

3. भी नहीं फोड़ सकेंगे क्या?

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ने सभी तरह के पटाखों की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. राय ने अपने ट्वीट में लिखा है कि ‘सभी तरह के पटाखों’ पर प्रतिबंध रहेगा. मतलब ये हुआ कि ग्रीन पर ये प्रतिबंध होगा.

4. से खरीदकर यहां फोड़ सकते हैं?

तो पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पर भी रोक है. , अगर आप ऑनलाइन भी इन्हें खरीदना चाहें तो दिल्ली तो नहीं खरीद सकते. , आप किसी दूसरे राज्य से पटाखे खरीदकर लाते हैं तो भी 1 2023 तक नहीं फोड़ सकेंगे. दिवाली ही नहीं, बल्कि इस दौरान शादी या कोई में पटाखे नहीं फोड़ सकेंगे.

5. जलाए तो क्या होगा?

बावजूद अगर पटाखे जलाते तो कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. साल दिल्ली पुलिस ने 281 लोगों को था.

इनमें से 138 लोगों को पटाखों की बिक्री और 143 को जलाने के लिए किया गया था. गिरफ्तारी 29 सितंबर से 4 नवंबर के बीच हुई थी. दौरान करीब 20 हजार किलो के पटाखे जब्त थे.

6. लागू कैसे किया जाएगा?

सरकार ने अभी तक ये नहीं बताया है कि ये प्रतिबंध कब से लागू होगा. मंत्री गोपाल राय ने बताया है कि प्रतिबंधों सख्ती से कराने के पुलिस, पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी डिपार्टमेंट के साथ मिलकर एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा.

7. से सच में होता है प्रदूषण?

2 2020 को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने दिल्ली-एनसीआर समेत उन सभी शहरों पटाखों की बिक्री और उपयोग पर रोक का आदेश दिया था, जहां एयर क्वालिटी खराब थी.

दिवाली पर पटाखे जलाने से वातावरण में PM10 और PM2.5 पॉल्यूटेंट्स की मात्रा बढ़ जाती है. ये दोनों ही पॉल्यूटेंट्स बेहद खतरनाक होते हैं और ये इतने छोटे होते हैं शरीर अंदर चले जाते हैं, जिससे कई तरह की बीमारियां होती हैं.

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भी पटाखों की बिक्री इस्तेमाल पर रोक थी, उसके बावजूद पटाखे फोड़े थे. साल पटाखों और पराली जलाने से दिवाली के अगले दिन दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 462 पर था. आंकड़ा 5 साल में सबसे ज्यादा है. एयर क्वालिटी इंडेक्स का 462 होने का मतलब है कि दिल्ली हवा ‘गंभीर से ज्यादा’ खतरनाक स्तर पर थी.

8. मानते हैं?

इंडिया से जुड़े अविनाश चंचल ने न्यूज एजेंसी को बताया कि पटाखे प्रदूषण हैं, लेकिन इसके अलावा और दूसरे सोर्स भी हैं जो हवा खराब करते हैं. जैसे- ट्रांसपोर्ट, इंडस्ट्री, कंस्ट्रक्शन और थर्मल पावर प्लांट भी बढ़ाने के उतने ही जिम्मेदार हैं.

भवरीन कंधारी ने न्यूज एजेंसी से कहा कि दिल्ली सरकार पटाखों को सालभर के लिए बैन क्यों नहीं करती? सिर्फ एक तय समय के ही क्यों किया जाता है. कि दुकानदारों ने स्टॉक रख लिया होगा और इसे खत्म के लिए डिस्काउंट प्राइस पर बेचा जाएगा. भी कहा कि कोई अधिकारी या वॉलेंटियर भी नहीं है, प्रतिबंध को जमीन पर लागू करवा सके.

सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के एनालिस्ट सुनील दाहिया कहा कि पर प्रतिबंध , त्योहार के समय साफ हवा में सांस सकें. कोयले पर चलने वाले पावर के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए ऐसे पावर प्लांट को दिल्ली-एनसीआर में बंद कर देना चाहिए.

साल सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पटाखों इस्तेमाल पर पूरी तरह कोई प्रतिबंध और केवल पटाखों पर प्रतिबंध है जिनमें बेरियम है. हालांकि, दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को सुप्रीम कोर्ट ने ‘इमरजेंसी’ बताया था और दिल्ली में लॉकडाउन लगाने का सुझाव दिया था.

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