Saturday, December 3, 2022
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Education,kathua News – जिले में 13 फीसदी आबादी आठवीं फेल, 4657 बच्चे शिक्षा से दूर

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I जिले में 2011 की जनगणना के अनुसार 73 73.09 प्रतिशत आबादी साक्षर है, 2022 में न्यू इंडिया लिटरेसी सर्वे में सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले हैं। जिले की 13 फीसदी आबादी आठवीं फेल है, जबकि 4657 बच्चे ऐसे हैं जो स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। कोरोना के कारण पिछले दो साल में डेढ़ हजार ऐसे बच्चे अधिक पाए गए हैं, जिन्होंने किन्हीं कारणों से स्कूल छोड़ दिया। जिले के 1368 सर्वेक्षकों ने 517 योजनाकर्ताओं के साथ जोनल नोडल अधिकारियों और जिला नोडल अधिकारी की देखरेख में ‘तलाश’ अभियान के माध्यम से ये आंकड़े जुटाए हैं। तलाश अभियान में एप के जरिये डोर-टू-डोर चले इस अभियान में जिले के डेढ़ लाख से अधिक बच्चों की जानकारी जुटाई गई। से 4657 बच्चों को आउट ऑफ स्कूल पाया गया है। विभाग के अनुसार इनमें से कुछ बच्चे स्कूल छोड़ चके हैं तो कुछ ऐसे हैं जिनका कभी स्कूलों में दाखिला ही नहीं हुआ है। विभाग की समग्र योजना के तहत इनका दाखिला नजदीकी स्कूलों में करवाए जाने की योजना है जो फिलहाल अंजाम तक नहीं पहुंच पाई है। उधर, न्यू इंडिया लिटरेसी के सर्वे के अनुसार 105750 लोग ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिन्होंने आठवीं पास नहीं की है। से कइयों की शिक्षा पहली, दूसरी, पांचवीं या फिर आठवीं फेल हैं। इन आंकड़ों में 11 हजार से अधिक निरक्षर लोगों को भी चिह्नित किया गया है। शिक्षा विभाग की योजना इन 11 हजार लोगों को साक्षर करने की है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कठुआ जिले में 2011 की जनगणना में 73.09 प्रतिशत लोगों को साक्षर पाया गया था। 2001 की जनगणना में 64.81 प्रतिशत लोग साक्षर पाए गए थे। 2011 जनगणना के अनुसार जिले में 81.53 प्रतिशत पुरुष तो 63.72 महिलाएं साक्षर पाई गईं।
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– छोड़ चुके बच्चे
463
691
352
443
235
981
148
88
379
325
365
187
4657

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I जिले में 2011 की जनगणना के अनुसार 73 73.09 प्रतिशत आबादी साक्षर है, 2022 में न्यू इंडिया लिटरेसी सर्वे में सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले हैं। जिले की 13 फीसदी आबादी आठवीं फेल है, जबकि 4657 बच्चे ऐसे हैं जो स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। कोरोना के कारण पिछले दो साल में डेढ़ हजार ऐसे बच्चे अधिक पाए गए हैं, जिन्होंने किन्हीं कारणों से स्कूल छोड़ दिया। जिले के 1368 सर्वेक्षकों ने 517 योजनाकर्ताओं के साथ जोनल नोडल अधिकारियों और जिला नोडल अधिकारी की देखरेख में ‘तलाश’ अभियान के माध्यम से ये आंकड़े जुटाए हैं। तलाश अभियान में एप के जरिये डोर-टू-डोर चले इस अभियान में जिले के डेढ़ लाख से अधिक बच्चों की जानकारी जुटाई गई। से 4657 बच्चों को आउट ऑफ स्कूल पाया गया है। विभाग के अनुसार इनमें से कुछ बच्चे स्कूल छोड़ चके हैं तो कुछ ऐसे हैं जिनका कभी स्कूलों में दाखिला ही नहीं हुआ है। विभाग की समग्र योजना के तहत इनका दाखिला नजदीकी स्कूलों में करवाए जाने की योजना है जो फिलहाल अंजाम तक नहीं पहुंच पाई है। उधर, न्यू इंडिया लिटरेसी के सर्वे के अनुसार 105750 लोग ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिन्होंने आठवीं पास नहीं की है। से कइयों की शिक्षा पहली, दूसरी, पांचवीं या फिर आठवीं फेल हैं। इन आंकड़ों में 11 हजार से अधिक निरक्षर लोगों को भी चिह्नित किया गया है। शिक्षा विभाग की योजना इन 11 हजार लोगों को साक्षर करने की है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कठुआ जिले में 2011 की जनगणना में 73.09 प्रतिशत लोगों को साक्षर पाया गया था। 2001 की जनगणना में 64.81 प्रतिशत लोग साक्षर पाए गए थे। 2011 जनगणना के अनुसार जिले में 81.53 प्रतिशत पुरुष तो 63.72 महिलाएं साक्षर पाई गईं।

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