Sunday, December 4, 2022
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Crime in India: हर दिन 80 मर्डर, हर घंटे 3 रेप… पिछले साल कितना हुआ देश में क्राइम? – ncrb data 80 murders every day 3 rapes every hour as per latest crime picture of india ntc

आजादी के एक साल बाद 1948 में देश के पुलिस थानों में 6 लाख के आसपास आपराधिक केस दर्ज हुए थे. आजादी के 75 साल बाद 2021 में 60 से दर्ज हुए. साफ है कि आजादी से अब तक देश में अपराध 10 गुना ज्यादा बढ़ गया है.

ये सारी जानकारी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट में आई है. NCRB की एजेंसी है. ये एजेंसी 1953 से अपराधों का लेखा-जोखा रख रही है. 1953 पहली रिपोर्ट आई थी, जिसमें 1948 के आंकड़े भी दिए गए थे.

ही में NCRB ने 2021 रिपोर्ट जारी की है. मुताबिक, साल देशभर में 60.96 लाख आपराधिक मामले हुए थे. इनमें से 36.63 लाख मामले इंडियन पीनल कोड (IPC) के तहत दर्ज हुए थे. , 2020 तुलना में 2021 में करीब 8% मामले कम दर्ज हुए हैं. 2020 में 66 ज्यादा हुए थे.

दिन 80 मर्डर… बड़ी वजह

NCRB ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 में देशभर में मर्डर के 29.272 मामले दर्ज किए गए. , 80 . 2020 तुलना में ये आंकड़ा 0.3% ज्यादा रहा. 2020 के 29,193 केस दर्ज हुए थे.

रिपोर्ट में बताया गया है कि मर्डर की सबसे बड़ी वजह ‘विवाद’ रही. विवाद की वजह से 9,765 हत्याएं हुई थीं. , के चलते 3.782 थे.

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल 1 लाख से ज्यादा लोगों का अपहरण हुआ था. हुआ था, उनमें 86,543 थीं. भी 58 से नाबालिग.

बच्चों के खिलाफ कितने अपराध?

2021 के खिलाफ अपराध के 4.28 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हुए थे. से हर दिन 1,173 हुए. 2020 की तुलना में 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 15% से ज्यादा मामले दर्ज हुए.

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, के खिलाफ अपराध के 1.49 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे. ये संख्या 2020 की तुलना में 16% ज्यादा है. बच्चों के खिलाफ अपराध के सबसे ज्यादा मामले किडनैपिंग और POCSO एक्ट के तहत दर्ज हुए थे.

, 31,677 दर्ज किए गए, 31,878 पीड़िताएं थीं. , घंटे तीन महिलाओं के साथ बलात्कार हुआ. 28,840 3,038 . कोशिश के 3,800 हुए.

97% में पहचान वाला ही आरोपी

बलात्कार के 97% मामलों में पहचान वाला ही आरोपी निकलता है. पिछले साल 31,677 में से 30,571 मामलों में आरोपी पीड़िता की पहचान वाला ही है. जबकि 2.024 परिवार का ही कोई सदस्य आरोपी था.

वहीं 15,196 में आरोपी कोई पारिवारिक दोस्त, पड़ोसी या जान-पहचान का ही था. जबकि 12,951 मामलों में ऑनलाइन फ्रेंड, लिव-इन पार्टनर या शादी का वाला आरोपी था. 1,106 आरोपी की पहचान नहीं हो सकी.

में और क्या-क्या सामने आया?

1. साल 31,170 मामले नाबालिगों के दर्ज हुए थे. इनमें 37,444 नाबालिगों को गिरफ्तार किया गया था. 76% ज्यादा मामलों में नाबालिगों की उम्र 16 से 18 साल के बीच थी.

2. के खिलाफ अपराध के 26.110 मामले दर्ज गए थे. खिलाफ अपराध के सबसे मामले चोट पहुंचाने के दर्ज हुए थे.

3. अनुसूचित जाति के खिलाफ 50,900 और अनुसूचित जनजाति के लोगों के खिलाफ अपराध के 8.802 मामले दर्ज किए गए. 2020 की तुलना में अनुसूचित जाति के खिलाफ अपराध के मामलों में 1.2% और जनजाति के खिलाफ 6.4% बढ़ोतरी हुई थी.

4. साल सरकार के खिलाफ अपराध के 5,613 मामले दर्ज किए गए थे. सबसे ज्यादा 4.089 मामले सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के दर्ज हुए थे, UAPA के तहत 814 केस दर्ज हुए थे.

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5. 2021 में 58 लाख से ज्यादा गिरफ्तार किया गया था. इनमें से 34.92 लाख आरोपियों को IPC क्राइम और 23.17 लाख को स्टेट लॉ (SLL) के क्राइम में गिरफ्तार किया गया था. IPC के तहत 8.85 लाख और SLL क्राइम में 13.28 आरोपियों को दोषी साबित किया गया था.

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