Friday, September 30, 2022
HomeBreaking NewsAnupam Kher Break Down During Programme In Hpu Shimla - Hpu Shimla:...

Anupam Kher Break Down During Programme In Hpu Shimla – Hpu Shimla: विश्वविद्यालय में मिला सम्मान, भावुक हुए अनुपम खेर, छलके आंसू

सुनें

हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के मंच से सम्मानित होते हुए बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर भावुक हो गए और उनके आंसू छलक आए। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि 38 प्रतिशत अंक लेने वाले को विश्वविद्यालय के इस मंच से सम्मानित किया जा रहा है। ज्यादा कभी नंबर ही नहीं आए हैं। सम्मान बहुत मिले, यह सबसे बड़ा सम्मान है।

अनुपम खेर ने सभागार में घड़ी की सुइयों के 11:30 बजे पर अटकने पर मजाक में कहा कि इससे यह लग रहा है कि वक्त थम गया है। सोच के आदमी हैं। बेशक ये सुइयां अटकी हैं, मगर 24 घंटों में दो बार सही समय देंगी। दर्शक दीर्घा में बैठी अनुपम खेर की मां दुलारी खेर के भी बेटे के भाषण के दौरान आंसू छलक आए। के छात्रों ने उनके भाषण देने के दौरान कश्मीर को लेकर नारे भी लगाए।

से शहर शिमला ने मुझे सपने देखना सिखाया :
अभिनेता अनुपम खेर ने कहा है कि इस छोटे से शहर शिमला ने उन्हें सपने देखना सिखाया। वह जो भी हैं, इन सपनों की वजह से हैं। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर मेहनत करेंगे तो कोई भी ताकत सपने पूरा करने से नहीं रोक सकती है। में बहुत कुछ बनने की उम्मीद होती है। उन्होंने कहा कि वे एक बात का ध्यान रखें कि जो देश और माता-पिता के प्रति प्यार रखते हैं, वही हमेशा सुखी रहते हैं।

तक 530 कर ली हैं। दुनिया भर में सम्मानित हुए हैं, मगर यह सम्मान उनके लिए बहुत बड़ा है। शिमला में जन्में अनुपम खेर ने रविवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के मंच से अपनी यादें साझा करते हुए कहा कि जब वह छोटे थे, तब शिमला बहुत अलग तरह का शहर था। में वक्त बहुत होता है। शिक्षकों के किस्से सुनाते हुए यहां दर्शकों को खूब हंसाया। खेर ने कहा कि उनके एक शिक्षक मुन्नी लाल थे।

See also  Cm Jairam Thakur Visited Nachan Kashan Landslide Spot In Mandi Himachal Pradesh - Mandi Landslide: मौत की गहरी नींद सोने से पहले अपना फर्ज निभा गए खेम सिंह

थीं। वह कहते थे – तू पढ़ बाकी तेरे बारे में मैं सोचता हूं। शिक्षक थे। अलजबरा, आदि सबका डंडा होता था। एक शिक्षक हरदर्शन बहुत भारी-भरकम कद-काठी के थे। वह कहते थे – जिनको याद है, वे खडे़ रहें और जिनको नहीं है, वे बैठ जाएं। जो खड़े होते थे, उन्हें चार डंडे खाने होते थे और जो बैठ जाए और जिनको याद न रहे, उन्हें आठ डंडे खाने होते थे। उनकी भाव-भंगिमाओं ने उन्हें अभिनय के लिए भी बहुत सी चीजें सिखाईं। वह अभिनय जगत में चले गए।

हुए गर्व महसूस कर रहा हूं : . गुलेरिया
दिल्ली डॉ. गुलेरिया ने कहा कि उनका छात्र जीवन इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में गुजरा। होने पर गर्व है। लोग सरलता से जीवन जीते हैं। हिमाचल की मिट्टी में ही वह सादगी है, जो जमीन से जोड़े रखती है। होने और इस विश्वविद्यालय का छात्र होने पर गर्व है।

लोगों की इच्छाएं सीमित होती हैं। संतुष्ट हैं। . आईजीएमसी शिमला में मिलीं। यहीं पढ़े। मंच पर सम्मानित होते हुए गर्व महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जो लगन हिमाचल प्रदेश के मेडिकल छात्रों में है, वह देश के किसी और संस्थान में आज तक देखने को नहीं मिली है।

विस्तार

हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के मंच से सम्मानित होते हुए बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर भावुक हो गए और उनके आंसू छलक आए। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि 38 प्रतिशत अंक लेने वाले को विश्वविद्यालय के इस मंच से सम्मानित किया जा रहा है। ज्यादा कभी नंबर ही नहीं आए हैं। सम्मान बहुत मिले, यह सबसे बड़ा सम्मान है।

See also  How Adani acquired firm controlled by Ambani aide to launch take-over bid for the news channel

अनुपम खेर ने सभागार में घड़ी की सुइयों के 11:30 बजे पर अटकने पर मजाक में कहा कि इससे यह लग रहा है कि वक्त थम गया है। सोच के आदमी हैं। बेशक ये सुइयां अटकी हैं, मगर 24 घंटों में दो बार सही समय देंगी। दर्शक दीर्घा में बैठी अनुपम खेर की मां दुलारी खेर के भी बेटे के भाषण के दौरान आंसू छलक आए। के छात्रों ने उनके भाषण देने के दौरान कश्मीर को लेकर नारे भी लगाए।

से शहर शिमला ने मुझे सपने देखना सिखाया :

अभिनेता अनुपम खेर ने कहा है कि इस छोटे से शहर शिमला ने उन्हें सपने देखना सिखाया। वह जो भी हैं, इन सपनों की वजह से हैं। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर मेहनत करेंगे तो कोई भी ताकत सपने पूरा करने से नहीं रोक सकती है। में बहुत कुछ बनने की उम्मीद होती है। उन्होंने कहा कि वे एक बात का ध्यान रखें कि जो देश और माता-पिता के प्रति प्यार रखते हैं, वही हमेशा सुखी रहते हैं।

तक 530 कर ली हैं। दुनिया भर में सम्मानित हुए हैं, मगर यह सम्मान उनके लिए बहुत बड़ा है। शिमला में जन्में अनुपम खेर ने रविवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के मंच से अपनी यादें साझा करते हुए कहा कि जब वह छोटे थे, तब शिमला बहुत अलग तरह का शहर था। में वक्त बहुत होता है। शिक्षकों के किस्से सुनाते हुए यहां दर्शकों को खूब हंसाया। खेर ने कहा कि उनके एक शिक्षक मुन्नी लाल थे।

See also  Himachal Weather Update, Heavy Rain Alert For Two Days In State - Himachal Weather: हिमाचल में दो दिन भारी बारिश का अलर्ट, 6 सितंबर तक खराब रहेगा मौसम

थीं। वह कहते थे – तू पढ़ बाकी तेरे बारे में मैं सोचता हूं। शिक्षक थे। अलजबरा, आदि सबका डंडा होता था। एक शिक्षक हरदर्शन बहुत भारी-भरकम कद-काठी के थे। वह कहते थे – जिनको याद है, वे खडे़ रहें और जिनको नहीं है, वे बैठ जाएं। जो खड़े होते थे, उन्हें चार डंडे खाने होते थे और जो बैठ जाए और जिनको याद न रहे, उन्हें आठ डंडे खाने होते थे। उनकी भाव-भंगिमाओं ने उन्हें अभिनय के लिए भी बहुत सी चीजें सिखाईं। वह अभिनय जगत में चले गए।

हुए गर्व महसूस कर रहा हूं : . गुलेरिया

दिल्ली डॉ. गुलेरिया ने कहा कि उनका छात्र जीवन इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में गुजरा। होने पर गर्व है। लोग सरलता से जीवन जीते हैं। हिमाचल की मिट्टी में ही वह सादगी है, जो जमीन से जोड़े रखती है। होने और इस विश्वविद्यालय का छात्र होने पर गर्व है।

लोगों की इच्छाएं सीमित होती हैं। संतुष्ट हैं। . आईजीएमसी शिमला में मिलीं। यहीं पढ़े। मंच पर सम्मानित होते हुए गर्व महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जो लगन हिमाचल प्रदेश के मेडिकल छात्रों में है, वह देश के किसी और संस्थान में आज तक देखने को नहीं मिली है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments