Saturday, November 26, 2022
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सोरेन सरकार पर संकट! ‘रायपुर के रिसॉर्ट में विधायकों को परोसी गई शराब’, BJP के दावों से खलबली – jharkhand hemant soren crisis mla raipur alcohol party bjp ntc

हाइलाइट्स

  • के लिए कुर्सी बचाना चुनौती
  • फैसले से बदलेगा गेम

हेमंत सोरेन की सरकार खतरे में चल रही है. कई दिनों से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी कुर्सी बचाने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं. से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है, ऐसे में सरकार पर आशंका के बादल मंडरा रहे हैं. तक साफ नहीं हो पा रहा है कि हेमंत की सीएम जाने वाली है या बच जाएगी? की वजह से विधायकों टूटने का खतरा भी बढ़ गया है. महाराष्ट्र जैसा खेल ना हो , बगावती तेवर ना दिखा जाएं, ऐसे में हेमंत सोरेन ने सभी को एयरलिफ्ट कर रायपुर भिजवा .

सरकार, रहे शराब पार्टी?

के समय सभी विधायक बस से रांची एयरपोर्ट के लिए निकले और फिर के विमान से कांग्रेस शासित राज्य छत्तीसगढ़ पहुंच गए. सभी विधायक कितने दिन वहां रहने वाले हैं, अभी स्पष्ट नहीं, बेहतरीन होटल में उनकी हर सुविधा का ध्यान रखा जा है. में सोरेन सरकार के विधायकों पर आरोप लगा है कि में उनके लिए शराब का इंतजाम किया गया है. हुआ है कि छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग की एक गाड़ी शराब पेटियों को लेकर मेफेयर रिसॉर्ट पहुंची है. जरिए वहां रुके विधायकों लिए ये महंगी शराब लाई गई है. किसी भी विधायक ने पर कोई नहीं दी है, लेकिन छत्तीसगढ़ के पूर्व रमन सिंह सरकार को आड़े हाथ लेने का काम किया है.

बनाया मुद्दा, ने साधी चुप्पी

सिंह ने ट्वीट कर कि भूपेश जी कान खोलकर सुन , अय्याशी का अड्डा नहीं है, जो छत्तीसगढ़ियों के पैसे से झारखंड के विधायकों को दारू हैं. , हरियाणा के बाद अब के का डेरा, अनैतिक कार्यों छत्तीसगढ़ महतारी आपको कभी माफ नहीं करेगी. बाबूलाल मरांडी ने तो बकायदा एक वीडियो जारी कर कहा है सरकारी गाड़ी में झारखंडी मेहमानों के लिये शराब की ढ़ुलाई. वैसे याद दिला दें झारखंड में भी शराब परोसने,पीने-पीलाने और उससे पैदा होने वाले “धन” के “लेन-देन” का पूरा नेटवर्क छत्तीसगढ़ का ही है.

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का खेल

कोई पहली बार नहीं है जब किसी राज्य में सरकार के लिए रिजॉट पॉलिटिक्स का सहारा लिया गया हो. बीजेपी से लेकर कांग्रेस तक, शिवसेना से लेकर अब JMM तक, समय-समय पर अपने विधायकों को बचाने के लिए सभी इस रिजॉट पॉलिटिक्स का सहारा लिया है. तो ये होती है कि ऐसा कर सभी विधायकों को एकजुट रखा जाए, जो तस्वीरें सामने आती हैं, वो अलग ही कहानी बयां करती हैं. एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र में में बगावत कर गए थे, सभी को लेकर असम चले गए थे. वहां से भी कई तस्वीरें सामने थीं जहां पर विधायक पार्टी कर रहे थे, स्विमिंग का लुत्फ उठा रहे थे. राजस्थान की राजनीति में ऐसा ही नजारा देखने को मिला था.

साजिश या सोरेन सही में दोषी?

में फिर वहीं कहानी खुद को दोहरा रही है. को अपनी सीएम कुर्सी बचानी है, की तरफ से कोई आदेश , विधायकों को एकजुट करने ही जोर दिया जा रहा है. ये दिया गया है कि झारखंड में बीजेपी सरकार गिराने की कोशिश कर रही है. की तरह यहां भी जांच एजेंसियों का इस्तेमाल सरकार को करने का हो रहा है. बारे में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने जोर देकर कहा है बीजेपी काला अध्याय लिखने का काम कर रही है. सरकार के सभी विधायक एकजुट हैं, से खड़े हैं. के सामने तो सीएम हेमंत सोरेन भी कह रहे हैं की कोई बात नहीं है.

पाले में गेंद, नहीं दिया कोई फैसला

‘चिंता की कोई बात नहीं है’ वाला नेरेटिव जारी रखने के लिए 1 सितंबर को हेमंत सोरेन ने अपनी एक अहम बैठक भी बुलाई है. रहा है कि उस बैठक में वे राज्य के हित लिए कई बड़े फैसले ले सकते हैं. से वे विधायकों के साथ रायपुर नहीं गए हैं. इस समय क्योंकि चुनाव आयोग ने सीएम के खिलाफ अपनी रिपोर्ट राज्यपाल को सौंप है, सोरेन का पर बने रहना काफी मुश्किल है. इसे ऐसे समझ सकते हैं कि चुनाव आयोग ने तो अपनी जांच में हेमंत को दोषी मान लिया है, राज्यपाल को उसकी रिपोर्ट भी भेज दी है. से अभी तक कोई आदेश जारी नहीं किया गया. तक राजभवन से कोई फैसला नहीं आ जाता, सोरेन अगले कदम पर विचार नहीं कर सकते.

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क्यों है, क्या गलत किया?

अब जिस मामले की वजह से हेमंत सोरेन अपनी कुर्सी गंवाने की नौबत तक गए , समझना भी जरूरी हो जाता है. असल में इस साल 10 फरवरी को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने राज्यपाल से मुलाकात की थी. के दौरान बीजेपी की डेलिगेशन ने हेमंत सोरेन की सदस्यदा करने की मांग उठा दी थी. आरोप लगाया गया था कि सीएम रहते हुए सोरेन ने 88 डिसमिल पत्थर माइनिंग लीज पर लिया. बीजेपी ने इसे लोक जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (RP) 1951 की धारा 9A का उल्लंघन माना और सीएम की इस्तीफे की मांग कर दी. बीजेपी की शिकायत पर राज्यपाल ने ये केस चुनाव आयोग को भेज दिया. ने इस मामले की विस्तृत जांच की जिसमें हेमंत अयोग्य ठहरा दिया गया.

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