Sunday, November 27, 2022
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समग्र शिक्षा अभियान में सार्वजनिक जवाबदेही तय करने के लिये स्कूलों को होगा ‘सोशल ऑडिट’ – schools will have ‘social audit’ to fix public accountability in samagra shiksha abhiyan

नयी दिल्ली, 30 अगस्त (भाषा) समग्र शिक्षा अभियान के अनुपालन में सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय एवं राज्यों की सहभागिता से स्कूलों का ‘सोशल ऑडिट’ किया जायेगा । निष्कर्षों के आधार पर समयबद्ध तरीके से कमियों को दूर करने एवं व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिये कदम उठाये जायेंगे।

शिक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने ‘भाषा’ को बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के अनुपालन को लेकर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने स्कूलों का ‘सोशल ऑडिट’ करने संबंधी दिशानिर्देश तैयार किये हैं।

समग्र शिक्षा के तहत स्कूलों के सोशल ऑडिट के लिये प्रश्नों की सूची तैयार की गई। पता या जायेगा कि क्या स्कूलों में बच्चों की औसत उपस्थिति 80 प्रतिशत या उससे अधिक है? में बच्चों की पहुंच सुरक्षित है ? स्कूलों में बच्चे दूर से आते हैं और क्या उनके आने-जाने के लिये वाहन संबंधी साधन उपलब्ध हैं ?

के दौरान यह जानकारी भी जुटायी जायेगी कि क्या स्कूलों में बच्चों का दाखिला उम्र में हुआ है और कागजात कारण किसी बच्चे को दाखिला से मना किया गया है ?

इसमें बच्चों के स्कूल की पढ़ाई बीच में छोड़ने या स्कूल से निकाले जाने के आंकड़े भी एकत्र किये जायेंगे ।

की प्रश्न सूची के अनुसार, यह पूछा जायेगा कि क्या स्कूल में जरूरत वाले बच्चों की पहचान मूल्यांकन किया और क्या विशेष प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई है?

यह जानकारी भी ली जायेगी कि क्या हर मौसम के अनुकूल स्कली भवन हैं जहां बिना किसी बाधा के पहुंचा जा सके। क्या स्कूली भवन में लड़के एवं लड़कियों के लिये अलग-अलग शौचालय (80 पर 1 इकाई) उपलब्ध हैं।

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में यह जानकारी भी जुटायी जायेगी कि क्या स्कूलों में बच्चों के लिये गुणवत्तापूर्ण पेयजल और बिजली कनेक्शन उपलब्ध है ? की इमारत चारदीवारी से घिरी है ? में पुस्तकालय और डिजिटल आधारभूत ढांचा उपलब्ध है ? स्कूल में उपकरणों सहित प्रयोगशाला तथा गणित एवं विज्ञान किट उपलब्ध है ?

शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अभी देश में 96 प्रतिशत स्कूलों में लड़कों के लिये तथा 97.32 प्रतिशत स्कूलों में लड़कियों के लिये शौचालय हैं । 97.45 प्रतिशत स्कूलों में पेयजल सुविधा और 86.90 प्रतिशत स्कूलों में बिजली कनेक्शन हैं। 85.56 प्रतिशत स्कूलों में पुस्तकालय और 70.75 प्रतिशत स्कूलों में रैम्प की सुविधा है।

इसमें यह आंकड़े भी एकत्र किये जायेंगे कि स्कूलों में क्या उपचार संबंधी किट उपलब्ध है ? स्कूलों को अनुदान की राशि प्राप्त हुई है और उनका नियमों तहत उपयोग किया गया है ?

सोशल ऑडिट के मसौदे के अनुसार, आडिट प्रारंभ करने के कार्यक्रम पर फैसला शिक्षा एवं साक्षरता विभाग करने वाले शीर्ष निकाय से विचार विमर्श करने के बाद तय किया जायेगा । ऑडिट में स्थानीय समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित की जायेगी ।

कहा गया है कि सभी केंद्र एवं संघ राज्य क्षेत्र समग्र शिक्षा योजना के सोशल ऑडिट के लिये एक शीर्ष अधिकारी नियुक्त करेंगे । यह अधिकारी शिक्षा मंत्रालय, राज्यों के शिक्षा विभाग आदि के साथ समन्वय करेंगे ।

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