Thursday, October 6, 2022
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शिक्षा से आ रही खुशहाली, सिग्नल फ्री सफर तो उड़ान पर खेल जगत, आजादी के 75 साल बाद फरीदाबाद की बदलती तस्वीर – see faridabad change after indias 75th independence day

,: आजादी के 75 साल पूरे होने पर देश भर में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। आजादी के इन 75 वर्षों में फरीदाबाद देखते ही देखते विकास के उस शिखर पर पहुंच गया है, जो देश के अन्य शहरों के लिए किसी मिसाल से कम नहीं है। की बात हो या फिर खेल और शिक्षा की, सभी क्षेत्रों में यहां तरक्की देखने को मिली है। जानते हैं किन-किन क्षेत्रों में फरीदाबाद बदला है :

का 12वां जिला बना था फरीदाबाद
शहर को साल 1607 में शेख फरीद ने बसाया था। आजादी के बाद पाकिस्तान से आए 30 हजार लोगों ने अक्टूबर 1949 में यहां पर न्यू इंडस्ट्रियल टाउन (एनआईटी) की नींव रखी। नक्शा जर्मन आर्किटेक्ट निस्सन ने तैयार किया था। फरीदाबाद शहर गुड़गांव जिले का हिस्सा था। 15 अगस्त 1979 के दिन फरीदाबाद को हरियाणा प्रदेश का 12वां जिला घोषित कर दिया गया। इन लोगों ने यहां पर अपने उद्योग विकसित किए और अपनी मेहनत से फरीदाबाद को औद्योगिक शहर का दर्जा दिलाया। फरीदाबाद शहर में बहुत से बड़े उद्योग चल रहे हैं, जिसके चलते फरीदाबाद देश भर में औद्योगिक शहर के नाम से जाना जाता है।

फ्लाईओवर से सिग्नल फ्री हुआ सफर
एक समय था जब फरीदाबाद से गुजरने वाला नैशनल हाइवे केवल टू लेन हुआ करता था। आने-जाने के लिए एक ही सड़क होती थी, लेकिन समय के साथ बदलाव हुआ। वर्षों में नैशनल हाइवे की सूरत बिल्कुल बदल गई।

1-टू, फोर लेन से अब नैशनल हाइवे को 6 लेन बना दिया गया है।

2-सभी मुख्य चौराहों पर अंडरपास और फ्लाईओवर बना दिए गए हैं, जिससे हाइवे पर सफर सिग्नल फ्री हो गया है।

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3- लोगों को सड़क पार कराने के लिए जगह-जगह फुटओवर ब्रिज बनाए गए हैं।

4-नहर पार नया शहर विकसित होने के चलते फरीदाबाद में बदरपुर बॉर्डर से कैल गांव तक 26 किलोमीटर लंबा बाईपास रोड बनाया गया, जिससे पिछले दिनों नैशनल हाइवे घोषित कर दिया गया था। अब यह सड़क दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे के लिंक रोड के रूप में विकसित की जा रही है। रोड को चौड़ा कर 12 लेन किया जा रहा है। चौराहों पर अंडरपास और फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं।

5-कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेसवे भी फरीदाबाद जिले से होकर गुजर रहा है, जिससे दिल्ली एनसीआर के शहरों से फरीदाबाद की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है।

6-शहर के अंदर की सड़कों में भी काफी सुधार देखने को मिला है। , कॉलोनियों और गांवों को जाने वाले रास्ते पक्के हैं।

7-एनआईटी क्षेत्र में भी पैरीफेरल रोड को भी नया बना दिया गया है।

8-आने वाले दिनों में जेवर एयरपोर्ट तक जाने के लिए भी नया ग्रीन हाइवे बनाया जा रहा है।

कनेक्टिविटी ने बदली शहर की सूरत
समय पहले तक फरीदाबाद के लिए मेट्रो रेल एक सपने जैसी थी, लेकिन सितंबर 2016 में यह हकीकत में बदल गया। पहले चरण में बदरपुर बॉर्डर से वाईएमसीए चौक तक मेट्रो लाइन को शुरू कर दिया गया। इस लाइन का विस्तार बल्लभगढ़ तक कर दिया गया। में मेट्रो के 11 स्टेशन हैं। मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद फरीदाबाद शहर की दिल्ली और एनसीआर के दूसरे शहरों से कनेक्टिविटी काफी बेहतर हुई है।

कभी 1 से 2 शिक्षण संस्थान थे, आज 42 से ज्यादा
खेल के क्षेत्र में भी काफी बदलाव देखने को मिला है। शुरुआती दौर में फरीदाबाद, ओल्ड फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के शहरी क्षेत्र में चुनिंदा ही स्कूल होते थे, लेकिन अब फरीदाबाद एजुकेशन हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। फरीदाबाद में 379 सरकारी स्कूल हैं और 550 से अधिक छोटे-बड़े निजी स्कूल हैं। साल 1969 में इंडो-जर्मन परियोजना के तहत वाईएमसीए इंजीनियरिंग संस्थान शुरू किया गया था। की स्थापना का उद्देश्य जर्मनी की तर्ज पर भारत को औद्योगिक रूप से सक्षम बनाने के लिए तकनीकी शिक्षा का प्रसार करना था। साल 2009 में प्रदेश सरकार ने इसे साइंस एंड टेक्नॉलजी यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया। पहली और सबसे अच्छी सरकारी साइंस एंड टेक्नॉलजी यूनिवर्सिटी है। एक समय फरीदाबाद में हायर एजुकेशन के लिए एक- दो ही कॉलेज हुआ करते थे, लेकिन अब 42 से अधिक शिक्षण संस्थान हैं। यूनिवर्सिटी के भी 6 सरकारी कॉलेज हैं। 3 केवल महिलाओं के लिए हैं।

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लेकर इंटरनैशनल लेवल तक का इंडोर स्टेडियम
खेल की बात करें तो फरीदाबाद में खेल के क्षेत्र में भी काफी सुविधाएं विकसित हुई हैं। एनआईटी में इंटरनैशनल क्रिकेट स्टेडियम बनाया गया है, जिसे राजा नाहर सिंह का नाम दिया गया है। स्टेडियम का जिर्णोद्धार पर काम चल रहा है। सेक्टर 12 में स्टेट लेवल खेल परिसर बना हुआ है, जिससे सिंथेटिक रेसिंग ट्रेक और एस्ट्रो टर्फ हॉकी ग्राउंड बना हुआ है। इसमें इंटरनैशनल लेवल का इंडोर स्टेडियम बनाया गया है। इसमें खिलाड़ियों के लिए फेसिलिटेशन सेंटर बनाया गया है। खिलाड़ियों के लिए फरीदाबाद में पैरालंपिक भवन का निर्माण किया जा रहा है। सेक्टर 31 में भी इंडोर खेल परिसर बनाया गया है, जिसमें 10 से अधिक खेलों की सुविधा है। साथ ही अधिकतर गांवों में भी ग्रामीण स्तरी खेल परिसर बने हुए हैं।

हैं
परमार कहते हैं कि हमने फरीदाबाद शहर में काफी बदलाव होते देखे हैं। यहां पर छोटा सा नैशनल हाइवे था, लेकिन आज नैशनल हाइवे ने शहर की सूरत बदल दी है। रोजाना नई कनेक्टिविटी पर काम हो रहा है, जिससे दूसरे शहरों में आना जाना आसान हुआ है। टेकचंद ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के साथ ही खेल व शिक्षा के क्षेत्र में भी फरीदाबाद में काफी बदलाव देखने को मिला है। सभी खेलों को खेलने की सुविधा फरीदाबाद में है। भी है। -जगह सरकारी कॉलेज हैं।

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