Saturday, December 3, 2022
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विक्रम वेधा मूवी रिव्यू – Vikram Vedha Review in Hindi Starring Hrithik Roshan Saif Ali Khan Radhika Apte

बेताल की कहानी हम सभी बचपन से सुनते आ रहे हैं कि किस तरह बेताल राजा विक्रमादित्य को अपनी कहानियों के फंसाकर हर बार एक ऐसा सवाल खड़ा कर देता है कि राजा को उसका जवाब देना ही पड़ता है। असल में बेताल ने राजा विक्रमादित्य के सामने एक शर्त रखी थी कि उसे चुप रहना होगा और अगर प्रश्न उत्तर जानते हुए वह चुप , तो बेताल उसका सर टुकड़े-टुकड़े कर देगा और वह बोला, तो बेताल दोबारा उसी पेड़ पर लटक जाएगा, खींचकर राजा उसे योगी के पास ले जा रहा था। निर्देशक पुष्कर-गायत्री की विक्रम वेधा में विक्रम है स्पेशल टास्क फोर्स का अफसर सैफ अली खान और वेधा उर्फ ​​​​ है, गैंगस्टर रितिक रोशन। निर्देशक द्वय पुष्कर-गायत्री इसी नाम से तमिल में सुपर हिट फिल्म बना चुके हैं। मूल फिल्म में आर माधवन और विजय सेतुपति थे।निर्देशक की इस जोड़ी ने ने विक्रम की पौराणिक परिकल्पना को पुलिस अपराधी के साथ जोड़कर एक ऐसी कहानी रची है, जहां दर्शक के मन में अच्छाई और बुराई के बीच की लाइन ब्लर हो जाती

वेधा कहानी कहानी (Vikram Vedha Story)
कहानी यों देखी जाए तो चोर-पुलिस की ही है, जहां विक्रम और स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया जाता है कि वे खूंख्वार और शातिर गैंगस्टर वेधा को पकड़कर उसकी अराजकता पर लगाम लगा सके। वहां अंडरग्राउंड हो चुके वेधा को अपने बिल से निकालने के लिए विक्रम की टीम जाल बिछा रही होती है, यहां वेधा खुद प्रकट होकर पुलिस के समक्ष आत्म्सपर्पण कर लेता है और तो और वह अपने वकील के रूप में विक्रम आप्टे को है। इसके बाद शुरू होता है, विक्रम-वेधा के बीच चूहे-बिल्ली का खेल। इस खेल में विक्रम का जिगरी यार अब्बास (सत्यदीप मिश्रा) उसकी बीवी और उसकी पूरी टीम शामिल होती है, तो दूसरी तरफ वेधा के पक्ष में उसका भाई शतक (रोहित सराफ), चन्दा (योगिता बिहानी) और बबलू भैया (शारिब हाशमी) समेत कई लोग हिस्सा बनते हैं। हर बार विक्रम वेधा को अपनी जांबाजी से पकड़ तो लेता है, मगर वेधा उसे अपनी कहानियों और उनसे प्रश्नों में ऐसा उलझाता है कि उनका जवाब के चक्कर विक्रम होता है कि सफेद जितना उजला लगता और और काले था, भी उतना स्याह नहीं है। के इस मकड़जाल के बाद अंत में विक्रम वेधा को गिरफ्त में ले पाता है? के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

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वेधा रिव्यू रिव्यू (Vikram Vedha Review)
पुष्कर-गायत्री की फिल्म प्लॉट को डेवलप करने में ज्यादा समय लगा लेती है। वजह है कि फिल्म का पहला भाग लंबा और खिंचा हुआ लगता है। रितिक रोशन की एंट्री भी लेट होती है, मगर जब सैफ और रितिक आमने-सामने आ जाते हैं, तब कहानी में जान आ जाती है। में फिल्म टर्न और ट्विस्ट के साथ सरपट दौड़ने लगती है। की हर कहानी के बाद एक सवाल और उस सवाल में छिपा एक राज दिलचस्पी जगाता है। निर्देशक पुष्कर-गायत्री ने अपनी जुगलबंदी में कानपुर-लखनऊ को फिल्म के बैकड्रॉप में पेश किया है और इसमें कोई शक नहीं कि सिनेमैटोग्राफर पी एस विनोद के कैमरे के लेंस से लखनऊ और कानपुर को अलग अंदाज में देखने का मौका मिलता है। खड़े कर देने वाला है। पर चेजिंग सीन और रेलवे यार्ड के कंटेंट का दृश्य। , फिल्म की लंबाई को आप फिल्म की कमी कह सकते हैं। फिल्म में सैफ-राधिका और रोहित-योगिता की प्रेम कहानी को थोड़ा और डेवलप किया जा सकता था। हालांकि निर्देशकों ने हिंदी फिल्म में मूल फिल्म की तुलना में कोई बदलाव नहीं किया है। में कुछ सवाल अनुत्तरित रह जाते हैं, वेधा अपने इलाके का मसीहा क्यों है? करके क्यों भागती है? I फिल्म का क्लाइमेक्स पूरी तरह से बाजी मार ले जाता है। है। संगीत की बात , तो अल्कोहलिया गाने में रितिक के डांस का जलवा कोरियोग्राफर की बेहतरीन कोरियोग्राफी देखने , आप इस में जरूर पड़ जाते कि ये गाना अचानक कहां से ? हालांकि फिल्म में जीना इसी का नाम है, गाने को बहुत ही खूबसूरती से पिरोया गया है।

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वेधा ट्रेलर ट्रेलर

अगर ये कहा जाए की विक्रम वेधा रितिक की फिल्म है, तो गलत न होगा। वेधा के रूप में उनके दो पहलू, जैसे एक निर्मम हत्यारा और दूसरा एक जज्बाती भाई, दोनों ही पहलुओं को रितिक ने खूबसूरती से साकार किया है। रितिक की एंट्री काफी धांसू है, वे अपने किरदार की परतों को जीने में सफल रहते हैं। हालांकि रितिक के साथ-साथ सैफ भी फिल्म के दूसरे आधार स्तंभ साबित होते हैं। कॉप को उन्होंने जबरदस्त तरीके से निभाया है। अच्छे-बुरे के द्वंद्व के बीच झूलते सैफ, एनकाउंटर करते सैफ का स्क्रीन प्रेसेंज रंग जमाता है। ये दोनों ही अदाकार अपनी कलाकारी से सिनेमा में लुप्त से हो चुके हीरोइज्म को दोबारा लाने में कामयाब रहे हैं। आप्टे ने अपने सीमित स्क्रीन स्पेस में अपनी भूमिका संग न्याय किया है। सरप्राइज पैकेज हैं शारिब हाशमी। शारिब हमेशा से समर्थ अभिनेता रहे हैं, मगर इस इस बार उन्हें अपनी अदाकारी दिखाने का पूरा-पूरा मौका मिला है। निभाया भी खूब है। अच्छे हैं। , योगिता बिहानी और सहयोगी कलाकार मजबूत हैं।

एक्शन-मसाला फिल्मों के शौकीन और रितिक-सैफ की अदाकारी के लिए यह फिल्म देखी जा सकती है।

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