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रायपुर स्थानीय संपादकीय छात्रों को प्रोत्साहन

Publication date: | Sun, 09 Oct 2022 08:51 (IST)

(नईदुनिया प्रतिनिधि)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 10वीं-12वीं की प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को हेलीकाप्टर की सैर कराकर उत्साहवर्धक पहल की है। को मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रोत्साहन और प्रेरणा मिलेगी। प्रतिभाओं का सम्मान है जिससे प्रदेश में पढ़ाई को लेकर अच्छा वातावरण बनाने में भी सहायता मिलेगी।

ऐसा कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बच्चों के साथ भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान किए गए वादे को निभाया है। की है। यह बात सभी को याद है कि कोरोना आपदा काल में भी प्रदेश में स्कूली शिक्षा के समक्ष काफी चुनौतियां थी, लेकिन सरकार के प्रोत्साहन से शिक्षकों और विद्यार्थियों को सभी पर विजय मिली। पढ़ाई से जोड़ने के लिए आनलाइन और आफलाइन माध्यम अपनाए गए। मोबाइल एप के माध्यम से आनलाइन कक्षाओं की सफलता ने पूरे देश में इस कार्यक्रम को चर्चित कर दिया।

ऐसे परिवारों के बच्चों को जिनके पास न तो इंटरनेट कनेक्शन और न ही स्मार्ट फोन, उन्हें ‘बुल्टू के बोल” कार्यक्रम के माध्यम से स्तरीय और आडियो सामग्री उपलब्ध कराई गई। राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शिक्षा के अधिकार के दायरे में 12 कक्षा तक की पढ़ाई को लाया गया है। पहले यह कक्षा आठवीं तक के लिए ही वनांचल क्षेत्रों में निवास करने वाले आदिवासी परिवारों के बच्चों को गोंडी, हल्बी, सरगुजिहा आदि स्थानीय बोलियों व भाषाओं में पढ़ाई कराने के लिए व्यवस्था ️

सरकार द्वारा प्राथमिक स्कूल की पढ़ाई स्थानीय भाषा में कराने के लिए पहली और दूसरी कक्षा के लिए द्विभाषिक पुस्तकें प्रकाशित की गई हैं। बीजापुर एवं सुकमा जिलों में पूर्व में नक्सलियों द्वारा बंद कराए गए 294 स्कूलों में से 250 से अधिक स्कूलों को राज्य सरकार के प्रयासों से फिर से खोला गया है। सरकारी स्कूलों को पढ़ाई और सुविधाओं के मामले में निजी स्कूलों के समकक्ष लाने के लिए 247 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोले गए हैं।

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वहीं 32 स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम उत्कृष्ट स्कूल शुरू किए गए हैं। यहां बच्चों को आकर्षक शैक्षिक परिसर, उन्नत लैब, आधुनिक लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास रूम, पेयजल एवं शौचालय, खेलकूद आदि की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। गुणवत्ता के लिए अंग्रेजी माध्यम के शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। आगामी सत्र से और 400 अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने की तैयारी है। पालकों की बढ़ती मांग को देखते हुए चालू शैक्षणिक सत्र में ही प्रत्येक कक्षा में 40 सीटर की क्षमता को बढ़ाकर 50 तक कर दिया गया है।

नए सत्र से सभी जिलों में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम कालेजों की स्थापना करने की तैयारी है, अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों निकलने निकलने वाले विद्यार्थियों को स्तर पर पर कालेज की भी सुविधा मिल सके। प्रयास मुख्यमंत्री की शिक्षा के प्रति गंभीरता को बताते हैं। उनका मानना ​​​​ कि शिक्षा से ही समाज, राज्य और देश का विकास संभव है। में इस मामले में वे किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करना चाहते। आशा की जानी चाहिए कि ज्ञान की इस ज्योत की लौ को और तेज करने के प्रयास लगातार होते रहेंगे।

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