Sunday, December 4, 2022
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दल-बदल कानून लागू नहीं होगा, क्योंकि 11 में से 8 टूटे; 3 गलतियों की वजह से फूट | Goa Congress BJP MLA Updates; State Party Chief Sadanand Tanawade | Goa Vidhayak News

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पणजी22

भाजपा में शामिल होने के बाद CM प्रमोद सावंत से मिलने पहुंचे कांग्रेस छोड़ने वाले सभी विधायक.

गोवा कांग्रेस के 11 में से 8 विधायकों ने बुधवार को पार्टी छोड़ दी। सभी विधायक मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के साथ विधानसभा पहुंचे और स्पीकर रमेश तावड़कर को कांग्रेस से अलग होने की चिट्ठी सौंपी। तुरंत बाद गोवा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सदानंद तनवड़े ने सभी विधायकों को भाजपा की सदस्यता दिलाई।

कांग्रेस छोड़ने वाले विधायक गोवा के पूर्व CM दिगंबर कामत, माइकल लोबो, देलिया लोबो, केदार नाइक, राजेश फलदेसाई, एलेक्सो स्काइरिया, संकल्प अमोलकर और रोडोल्फो फर्नांडीज शामिल है। बागी विधायकों की संख्या पार्टी के कुल विधायकों की संख्या के दो-तिहाई से ज्यादा है। इस वजह से इन विधायकों पर दल-बदल कानून लागू नहीं होगा।

3 गलतियां और 7 महीने में टूट गई कांग्रेस
10 मार्च 2022 को गोवा विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे। इनमें कांग्रेस को 40 में से 11 सीटें मिली थीं, लेकिन 7 महीने के भीतर ही पार्टी टूट गई। इसके पीछे की वजह कांग्रेस की 3 बड़ी गलतियां है। …

1. से आए लोबो का कद बढ़ाना- परिणाम आने के बाद कांग्रेस ने बाहर से आने वाले माइकल लोबो को नेता प्रतिपक्ष बनाया। से पहले ही पार्टी में शामिल हुए थे। प्रतिपक्ष की रेस में शामिल पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत कांग्रेस हाईकमान के इस फैसले के खिलाफ थे। नाराजगी को देखकर तय माना जा रहा था कि कांग्रेस में टूट होगी।

2. पर एक्शन, प्रभारी पर कार्रवाई नहीं- गोवा में हार के बाद कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष गिरीश चोडनकर से इस्तीफा ले लिया, लेकिन प्रदेश प्रभारी दिनेश गुंडूराव पर कोई कार्रवाई नहीं की। से पार्टी के कई सीनियर चुनाव के पहले से नाराज चल रहे थे। वजह से पार्टी ने पी चिदंबरम को कांग्रेस का ऑब्जर्वर बनाकर भेजा था।

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3. अध्यक्ष पर गुटबाजी हुई तो एक्शन नहीं लिया- कांग्रेस के नए अध्यक्ष अमित पाटकर को लेकर भी पार्टी में गुटबाजी तेज हुई थी, जिसका असर राष्ट्रपति चुनाव में दिखा। पार्टी के 4 विधायकों ने उस वक्त क्रॉस वोटिंग की थी। ने इस पर भी डैमेज कंट्रोल का कदम नहीं उठाया।

लोबो पर कांग्रेस ने की थी कार्रवाई
साल जुलाई में कांग्रेस ने पार्टी विरोधी साजिश में शामिल होने का आरोप लगाकर दिगंबर कामत और माइकल लोबो पर कार्रवाई की थी। उस वक्त कांग्रेस टूट से बचने के लिए अपने 5 विधायकों को चेन्नई शिफ्ट कर दिया था।

हालात कांग्रेस विधायकों के पार्टी छोड़ने से पहले के हैं।

हालात कांग्रेस विधायकों के पार्टी छोड़ने से पहले के हैं।

पहले राहुल ने दिलाई थी शपथ
विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने कांग्रेस के सभी उम्मीदवारों को 5 साल तक पार्टी नहीं छोड़ने की शपथ दिलाई थी। ने इस दौरान सभी उम्मीदवारों से एक शपथ पत्र पर हस्ताक्षर भी करवाए थे। हलफनामा देते हुए विधायकों ने कहा था कि 5 साल तक पार्टी नहीं छोड़ेंगे और कांग्रेस में रहकर गोवा की जनता का सेवा करते रहेंगे।

4 फरवरी 2022 को राहुल गांधी ने पणजी में कांग्रेस कैंडिडेट्स को कांग्रेस नहीं छोड़ने की शपथ दिलाई थी।

4 फरवरी 2022 को राहुल गांधी ने पणजी में कांग्रेस कैंडिडेट्स को कांग्रेस नहीं छोड़ने की शपथ दिलाई थी।

2019 कांग्रेस के 15 में 10 विधायक भाजपा में गए थे
इससे पहले 2019 में कांग्रेस के 15 में से 10 विधायक BJP में शामिल हुए थे। विपक्ष चंद्रकांत कावलेकर भी शामिल थे। गोवा के CM प्रमोद सावंत ने कांग्रेस के सभी बागी विधायकों को BJP में शामिल करवाया था।

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