Saturday, December 10, 2022
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छठी से 12वीं तक के पाठ्यक्रम में गीता, योग और नैतिक शिक्षा भी हाेगी शामिल | Gita, Yoga and moral education will also be included in the curriculum from 6th to 12th

यमुनानगर2

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शिक्षा विभाग ने छठी से 12वीं तक के पाठ्यक्रम में योग, गीता और नैतिक शिक्षा को भी शामिल किया है। दोनों विषयों के अंकों को भी परीक्षा में जोड़ा जाएगा। विद्यार्थियाें के लिए अंकाें को किस तरह जोड़ा जाना है। लेकर एनसीईआरटी ने आवंटन क्रम जिलाें से शेयर किया है। में लेटर भी सभी डीईओ को भेजा है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के भेजे लेटर में बताया गया है कि पाठ्यक्रम में योग, गीता और नैतिक शिक्षा लागू करने की योजना सरकार ने बनाई है।

संभावित योजना को कभी भी सरकार लागू कर सकती है। इन विषयों को लेकर 16 अगस्त को सरकार ने घोषणा की थी। निदेशालय से जारी पत्र की अनुपालना में नैतिक शिक्षा को हिंदी की पूरक पुस्तक के रूप में अपनाया जाना है। विभाग की ओर से हिंदी विषय में ली जाने वाले सेट, अर्धवार्षिक व वार्षिक परीक्षा में 10 प्रतिशत प्रश्न इस पाठ्य पुस्तक से लिए जाने हैं। अगर प्रश्न पत्र 20 अंक का है तो दो अंक के प्रश्न इस पुस्तक से होंगे। यदि प्रश्न पत्र 40 अंक का तैयार किया गया है तो 4 अंक के सवाल लिए जाएंगे।

प्रश्न पत्र 80 अंक का है तो 8 अंक के प्रश्नों को शामिल किया जाएगा। परीक्षाएं 29 से प्रस्तावित हैं। ही विद्यार्थियों को इससे अवगत कराया जाए। रविंद्र राणा ने बताया कि विभाग ने छात्र हित में निर्णय लिया है। साथ विद्यार्थियों को इन विषयों से जुड़ी जानकारी भी मिलेगी। साथ ही उनमें नैतिक मूल्य की भावना भी जागृत होगी। विषय के क्रम को बताते हुए लेटर जारी किया है। प्रिंसिपल पिरथी सैनी का कहना है कि शिक्षा विभाग की ओर से घोषणा पहले ही कर दी गई थी। परिषद ने इससे जुड़ी अपडेट जानकारी दी है।

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