Saturday, November 26, 2022
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घड़ी की दुकान, झुग्गी और फ्लैटों से चल रहीं राजनीतिक पार्टियां, डोनेशन के नाम पर किया करोड़ों का खेल – IT raid on political parties running from watch shop slums and flats across country for tax evasion ntc

चोरी और पॉलिटिकल फंडिंग के मामले में आयकर ने पंजीकृत लेकिन गैर प्राप्त राजनीतिक ठिकानों पर को देश के कई हिस्सों में की. से मुंबई में छापेमारी करते हुए टीम उत्तर प्रदेश के में स्थित एक घड़ी की दुकान तक जा पहुंची. में यह बात सामने आई कि घड़ी की दुकान का भी ऐसे ही एक राजनीतिक दल का अध्यक्ष था. उसने बताया कि उसे डोनेशन और प्रमाण पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है. में यह बात सामने आई कि इस दल ने पिछले तीन साल 370 370 करोड़ का डोनेशन लिया था. से आयकर विभाग इसके का पता लगाने में जुटा हुआ था.

के मुताबिक उक्त व्यक्ति ने यह भी बताया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जो के अहमदाबाद में रहता है, इसमें शामिल हो सकता है. के आधार पर अहमदाबाद के इनकम टैक्स अधिकारियों ने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष का पता लगाया. जब उससे पूछताछ की गई तो उसने कथित तौर पर लगभग 3 प्रतिशत कमीशन लेकर डोनेशन सर्टिफिकेट देने की बात कबूली. वहीं शेष पैसा संस्थाओं को अलग-अलग माध्यम से दिया गया था. करने के लिए फिर कैश में डोनेशन करने वाले व्यक्तियों और को ये पैसा वापस कर दिया गया था. ऐसी दो और पार्टियां इसमें शामिल हैं.

बता दें कि मुंबई, गुजरात, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में आयकर अधिकारियों द्वारा छापेमारी की गई. सूत्रों के अनुसार, में 2099 पंजीकृत राजनीतिक दल हैं, 2044 पंजीकृत तो हैं, लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त हैं. केवल 55 को ही मान्यता प्राप्त है. दलों को उनके द्वारा प्राप्त डोनेशन पर किसी भी प्रकार के से छूट मिलती है. टैक्स चोरी का खेल किया जा रहा था. मुताबिक गुरुवार को भी छापेमारी जारी रहेगी.

मिला राजनीतिक दल का ऑफिस

मुंबई में आयकर विभाग के अधिकारी सायन में एक घनी झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाके में पहुंचे. इस दौरान करीब 100 वर्ग फुट की झोपड़ी में स्थित एक ऐसी ही पार्टी पंजीकृत ऑफिस मिला. बैंक रिकॉर्ड के मुताबिक इस पार्टी ने पिछले दो साल में करीब 100 करोड़ रुपये का डोनेशन लिया था. राजनीतिक दल पंजीकृत है लेकिन भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) के अनुसार मान्यता प्राप्त नहीं है.

मानें तो पार्टी अध्यक्ष जब आईटी ने सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि स्टेटस के सिर्फ पद गया है और उन्हें पार्टी अध्यक्ष बुलाया जाता है. बनाने से लेकर सभी डोनेशन और अन्य संबंधित गतिविधियों को में रहने वाले ऑडिटरों द्वारा नियंत्रित किया जाता है.

सूत्रों ने बताया कि पार्टी ने करीब इस डोनेशन के लिए भी दिए गए थे. सर्टिफिकेटों का उपयोग इनकम टैक्स के लिए किया था. डोनेशन की राशि में 0.01 की कटौती के बाद पार्टी के लिए ऑडिटर गई संस्थाओं और फर्मों को कई पैसा देने के बाद इसे कैश में वापस कर दिया जाता था.

डोनेट करने वाले को वापस होता था पैसा

एक और ऐसी पार्टी को मुंबई में आयकर विभाग द्वारा खोजा गया है, जो बोरीवली में स्थित थी. पार्टी एक छोटे से फ्लैट से संचालित होती थी. पार्टी ने विभिन्न व्यक्तियों और संस्थाओं से लगभग 50 करोड़ रुपये का डोनेशन लिया उसी का उपयोग डोनेशन कई फर्मों और संस्थाओं के माध्यम से लिया गया. प्रतिशत की कटौती के बाद इसे कैश में डोनेट करने व्यक्ति या संस्था को वापस कर दिया गया था.

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2000 से अधिक हो सकती है डोनेशन की रकम

गौरतलब है कि देश भर में 205 205 ऐसे स्थानों और ऐसे कई राजनीतिक पर छापे मारे गए , जिनका उपयोग लोगों और संस्थाओं के टैक्स चोरी करने के लिए किया जाता था. जानकारों की मानें तो मुंबई और गुजरात में ऐसी पार्टियों को मिले डोनेशन की कुल मात्रा 2000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है. अहमदाबाद में ज्यादातर इस तरह की कई पार्टियां फ्रॉड के संचालित की जा रही थीं. गुजरात में ऐसे 21 राजनीतिक दलों पर छापेमारी करने के लिए 120 से अधिक आयकर विभाग के अधिकारियों की टीम को मुंबई से भेजा गया था.

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