Thursday, December 8, 2022
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केंद्र ने न्यायालय से कहा |

नयी दिल्ली दिल्ली, 22 नवंबर (भाषा) केंद्र मंगलवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि कि उसने राज्य स्तर पर अल्पसंख्यकों अल्पसंख्यकों की पहचान के मुद्दे पर सभी राज्य सरकारों सरकारों शासित और अन्य साथ परामर्श बैठकें की की हैं और अब तक तक राज्यों ने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने ने ने ने ने ने ने ने ने ने ने ने ने ने ने ने How does it work?

केंद्र कहा कि शेष शेष शेष 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की टिप्पणियां टिप्पणियां प्राप्त नहीं नहीं हुई हैं और और चूंकि मामला मामला मामला संवेदनशील संवेदनशील प्रकृति का का है और इसके इसके दूरगामी प्रभाव होंगे अपने को रूप रूप रूप के के के लिए कुछ और समय दिया दिया चाहिए चाहिए चाहिए चाहिए चाहिए चाहिए चाहिए चाहिए चाहिए चाहिए चाहिए चाहिए चाहिए चाहिए चाहिए चाहिए चाहिए चाहिए जाना जाना जाना जाना जाना जाना जाना जाना जाना जाना जाना जाना जाना चाहिए चाहिए ।

न्यायमूर्ति के कौल और न्यायमू न्यायमू न्यायमू न्यायमू ए एस ओका की पीठ ने केंद्र को इस मामले में अपना पक्ष के के छह सप सप सप सप सप सप सप सप सप सप ct

शीर्ष ने अल्पसंख्यक मामलों के के मंत्रालय द्वारा दायर स्थिति रिपोर्ट का अवलोकन किया जिसमें जिसमें कहा गया है कि कि कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों इस मुद्दे पर अपनी राय से सभी साथ साथ व्यापक व्यापक विचार विचार करने लिए अतिरिक्त समय अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध अनुरोध किया है। स्थिति रिपो ike में गया है कि कि कि कि राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनी टिप्पणी दी है ।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।।

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शीर्ष अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर याचिका सहित कई याचिकाओं पर सुनवाई सुनवाई कर रही थी थी जिसमें राज्य स्तर अल्पसंख्यकों की पहचान के लिए दिशानिर्देश तैयार करने निर्देश देने अनुरोध किया गया है।।।।।।।।।।।।।।।।।। इसमें दी गई गई है हिंदू हिंदू हिंदू हिंदू राज्यों राज्यों में अल्पसंख्यक हैं ।।।।।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।।।।।।

उपाध्याय सुनवाई के दौरान पीठ को बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था आयोग आयोग अधिनियम अधिनियम, 2004 की 2 (एफ) की को चुनौती दी है।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।

केंद्र भारत में अल्पसंख्यक समुदायों समुदायों की पहचान करने और उन्हें अधिसूचित करने का का अधिकार देने वाली वाली अधिनियम की की धारा धारा 2 (एफ) को स्पष्टतः स्पष्टतः मनमाना तर्कहीन और अपमानजनक देते हुए में आरोप लगाया गया गया है कि यह केंद्र को निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश निरंकुश को को को को को निरंकुश निरंकुश निरंकुश शक्ति देता है।

केंद्र ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल जनरल के नटराज ने कहा कहा कि मंत्रालय ने ने ने अक्टूबर अक्टूबर को स स स स िपो स स पीठ पीठ ने कहा कहा आपने आपने है कि राज्यों ने ने टिप्पणियां दी।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।। ”

शीर्ष ने कहा कि इन मुद्दों पर सानीपूानीपू सानीपूानीपू सानीपूानीपू ie नीपू attitude की आवश्यकता है और इस पर अचर अचानक निर्णय नहीं किया जा।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।

उपाध्याय ने उच्च न्यायालय के के के 2007 के फैसले का हवाला दिया दिया दिया उस याचिका पर पर गया था जिसमें उत्तर प्रदेश द्वारा मई मई मई मई के के को रद्द करने अनुरोध किया गया।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।। उत्तर राज्य सरकार ने उक्त आदेश में में 67 को अनुदान सहायता के लिए मान्यता दी थी थी।।।।।।।।।।।।।।।। थी थी थी थी थी थी थी थी थी थी थी थी थी ।।।।।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।।।।।। ।।।।।।।।।।।।।।।।।।।

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उन्होंने कि उच्च न्यायालय के के 2007 के को चुनौती चुनौती नहीं दी गई है है।।।।।।।।।।।।।।।।।।। पीठ ने पूछा, ” क्या का दर्जा जिलेवार तय किया जा जा है है है है है है है है है है है है है है है है है है है है है है है है है है है है है What is the status of your account?”

पीठ ने उन 19 राज्यों केंद्र शासित प्रदेशों को शीर्ष अदालत के आदेश की प्राप्ति के के चार सप्ताह के केंद्र को अपना बताने के के लिए कहा जिन्होंने तक मुद्दे पर टिप्पणी नहीं नहीं दी।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।

खंडपीठ मामले की सुनवाई जनवरी में करना निर्धारित किया।।।।।

शीर्ष में दायर स्थिति रिपोर्ट में में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने कहा कि केंद्र केंद्र ने सभी सभी राज्य सरकारों सरकारों सरकारों शासित शासित प्रदेशों और और गृह एवं एवं एवं न्याय शिक्षा मंत्रालय अल्पसंख्यक संस्था अन्य हितधारकों हितधारकों के के साथ परामर्श बैठकें की हैं हैं। ”

उसने कहा कहा कहा राज्य सरकारों सरकारों केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध किया गया था था कि मामले मामले की तात्कालिकता तात्कालिकता को देखते हुए हुए हुए इस संबंध हितधारकों के साथ शीघ्रता से जुड़ें यह जा सके कि कि राज्य सरकार के विचारों को अंतिम रूप जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए जाए और मामलों के मंत्रालय को जल्द से जल्द अवगत कराया जाए।।।।।। ”

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स्थिति में कहा कहा गया है कि कि कि कि कि राज्यों राज्यों राज्यों राज्यों, मिजोरम, मेघालय, मेघालय, मणिपुर, ओडिशा, उत्तराखंड, नगालैंड, प्रदेश, गुजरात, गोवा, पश्चिम, त्रिपुरा, उत्तर, तमिलनाडु तीन केंद्र शासित शासित प्रदेशों प्रदेशों लद्दाख एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं एवं नगर और दमन एवं दीव और चंडीगढ़ ने अपनी अपनी टिप्पणियां भेज दी ।। ।। ।। ।। ।। ।। ।। ।। ।।

उसने, ” चूंकि मामले में शेष शेष शेष शेष शेष राज्य राज्य सरकारों/शासित प्रदेशों प्रदेशों की टिप्पणियां टिप्पणियां टिप्पणियां टिप्पणियां विचार अभी तक तक तक तक तक नहीं अनु अनु अनु अनु अनु अनु अनु अनु नहीं अनु अनु प्रस्तुत करें ताकि सुविचारित सुविचारित टिप्पणियों टिप्पणियों को इस अदालत के रखा सके।।।। सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके सके । ”

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