Thursday, October 6, 2022
HomeBreaking Newsकम दबाव के चलते तेज हवा चली, 90 मिनट आसमान में चक्कर...

कम दबाव के चलते तेज हवा चली, 90 मिनट आसमान में चक्कर काटते रहे प्लेन | The plane could not land at Kolkata airport for one and a half hours, the breath of the passengers stuck

  • Hindi news
  • national
  • The plane was unable to land at Kolkata airport for an hour and a half, the passengers’ breath caught

कोलकाता17

  • लिंक

कोलकाता एयरपोर्ट पर शुक्रवार की शाम क्रॉसविंड की वजह से 20 विमान लैंड नहीं कर पाए। शाम 5 बजे से साढ़े 6 बजे तक ये विमान हवा में चक्कर काटते रहे। रात 8 बजे फिर आधे घंटे के लिए यही स्थिति बन गई। इस दौरान 11 विमानों के कैप्टन्स ने लैंडिंग की कोशिश भी की, लेकिन तेज हवा के चलते इंतजार ही करना पड़ा, क्योंकि ऐसी स्थिति में लैंडिंग से विमान के रनवे से भटकने का खतरा था।

न हो पाने की वजह से करीब डेढ़ घंटे तक सैकडों एयर पैसेंजर्स की सांसें अटकी रहीं। आम तौर पर क्रॉसविंड 10 मिनट से आधे घंटे तक देखी जाती हैं, लेकिन इस बार कोलकाता में इनका ड्यूरेशन बहुत ज्यादा था। इस दौरान कोलकाता पहुंचने वाले 9 विमानों को डायवर्ट भी करना पड़ा।

क्रॉसविंड में जब हवा बहुत तेज हो तो विमान रनवे पर सीधे न उतरकर अपना रास्ता भटक सकते हैं।

क्रॉसविंड में जब हवा बहुत तेज हो तो विमान रनवे पर सीधे न उतरकर अपना रास्ता भटक सकते हैं।

है क्रॉसविंड, क्या होता है?
के उड़ने की दिशा की वर्टिकल डायरेक्शन में चलने वाली तेज हवाओं को क्रॉसविंड कहा जाता है। से लैंडिंग के समय विमान रनवे से भटक सकता है। की आशंका भी बनी रहती है। कोलकाता में क्रॉसविंड के समय 11 विमानों ने 16 बार रनवे पर उतरने कोशिश की थी। वहीं 9 विमानों को दूसरे एयरपोर्ट पर डायवर्ट कर दिया गया।

लेकिन हवाओं की तेजी का अंदाजा नहीं था
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पायलट्स ने बताया कि मौसम विभाग ने तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया था, लेकिन यह किसी को नहीं पता था कि इस तरह क्रॉसविंड का सामना करना पड़ेगा। आमतौर पर इसकी वॉर्निंग जारी की जाती है, लेकिन इस बार किसी को यह अनुमान नहीं था कि दो घंटे मिनट तक क्रॉसविंड की वजह से विमानों को मंडराना पड़ेगा।

मई के बीच ज्यादा होती हैं क्रॉसविंड्स
क्रॉसविंड मार्च से मई महीने तक आम तौर पर देखने को मिलती है, लेकिन 10 मिनट से लेकर आधे घंटे तक ही इसका असर रहता है। इस बार कम दबाव के क्षेत्र की वजह से यह क्रॉसविंड पैदा हुई थी, इसलिए इसका असर 90 मिनट तक देखा गया। तेज हवाएं विमानों को रनवे के ऐंगल से 20 डिग्री तक भटकाने की ताकत रखती हैं। लैंडिंग बहुत खतरनाक थी। विमान में ईंधन की मौजूदगी को देखते हुए हवा में ही रुकने का फैसला किया गया।

44 1661093636

बॉडी प्लेन 40 किमी प्रतिघंटे की क्रॉसविंड सह सकते हैं
एयरबस A320 और बोइंग B737 जैसे नैरो बॉडी विमान 40 किलोमीटर प्रतिघंटे तक की क्रॉसविंड को सहन कर सकते हैं, लेकिन शुक्रवार को क्रॉसविंड करीब 94 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। एक विमान के कैप्टन के मुताबिक शुक्रवार को 1600 फीट की ऊंचाई पर हवा 93 किमी प्रतिघंटा और 900 फीट की ऊंचाई पर 83 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही थी। विमान को लैंड कराना बेहद मुश्किल था।

विमान में दिखा धुआं, में प्रायोरिटी लैंडिंग

विमान में धुआं दिखने पर इसकी कोलकाता एयरपोर्ट पर प्रायोरिटी लैंडिंग करानी पड़ी।

विमान में धुआं दिखने पर इसकी कोलकाता एयरपोर्ट पर प्रायोरिटी लैंडिंग करानी पड़ी।

इधर, दिल्ली से कोलकाता आ रहे इंडिगो के एक विमान की रविवार को कोलकाता में प्रायोरिटी लैंडिंग करानी पड़ी। के कार्गो एरिया में धुआं दिखाई दिया था। इसके बाद क्रू ने कोलकाता ATC को अलर्ट किया। विमान की प्रायोरिटी लैंडिंग कराई गई। इंडिगो की उड़ान संख्या 6E-2513 की लैंडिग के लिए ATC ने फायर ब्रिगेड को भी अलर्ट कर दिया था।

See also  Kolkata professor asked to QUIT over 'bikini' Instagram photos, asked for Rs 99 crore in damages! | India News
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments